Bhojpuri Sahitya : होटल सिटी पैलेस में गूँजी भोजपुरी की मिठास.. काव्य गोष्ठी-सह-मिलन समारोह संपन्न

Bindash Bol

Bhojpuri Sahitya : भोजपुरी विकास केंद्र के तत्वावधान में मंगलवार को राँची के होटल सिटी पैलेस में ‘भोजपुरी काव्य गोष्ठी -सह- भोजपुरिया मिलन समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने की, जबकि पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवनारायण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक उल्लास के साथ शुरुआत
समारोह का शुभारंभ वाग्देवी माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और पूनम वर्मा द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। संस्था के सचिव बिनोद सिंह गहरवार ने सभागार में उपस्थित सभी कवियों और विशिष्ट जनों का हार्दिक अभिनंदन किया।
काव्य पाठ और सम्मान
सभागार में उपस्थित अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिसके बाद कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। काव्य पाठ करने वालों में प्रमुख रूप से शामिल थे:
कवयित्रियाँ: सीमा सिन्हा ‘मैत्री’, रंजना वर्मा ‘उन्मुक्त’, रिम्मी वर्मा, सविता गुप्ता, सुनीता श्रीवास्तव ‘जागृति’, गीता चौबे ‘गूँज’, पूनम वर्मा, रेणु त्रिवेदी मिश्र, अर्पणा सिंह, अंकुश्री और डॉ. उर्मिला सिन्हा।
कवि: जितेन्द्र तिवारी, बिनोद सिंह गहरवार और कुमार बृजेन्द्र।
मंच का सफल संचालन अर्पणा सिंह और पूनम वर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की माँग
मुख्य अतिथि शिवनारायण सिंह ने भोजपुरी को ‘लोक मंगल की भाषा’ बताते हुए इसकी व्यापकता पर जोर दिया। उन्होंने अपनी पंक्तियों के माध्यम से संदेश दिया
“चाहे रहीह दिल्ली, बम्बे, चाहे रहीह मंसूरी में, पढ़िहऽ लिखिहऽ अफसर बनिहऽ, बतियइह भोजपुरी में।”
संस्था के अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने भोजपुरी की समृद्ध शब्द संपदा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि अब समय आ गया है जब भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए एक व्यापक जन-आंदोलन चलाया जाए।
विशिष्ट जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में धर्मेंद्र तिवारी, पूर्व उत्पाद अधीक्षक उपेंद्र सिंह, मनोज सिन्हा, महेश्वर जी और कृष्णा विश्वकर्मा ‘बादल’ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। धर्मेंद्र तिवारी ने भोजपुरी के विकास हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
समापन
समारोह का समापन डॉ. उर्मिला सिन्हा के धन्यवाद ज्ञापन और भोजपुरी के कालजयी ‘राष्ट्रगीत’ बटोहिया के सामूहिक गायन के साथ हुआ।

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