Bihar Politics : बिहार की राजनीति में आज एक युग का अंत और नया अध्याय शुरू होने वाला है। उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज शाम कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। NDA की ओर से सम्राट चौधरी को बिहार का नया मुख्यमंत्री बनाने की प्रबल संभावना है, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) से नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं। इस रेस में JDU के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी भी शामिल हैं। शपथ ग्रहण समारोह कल यानी 15 अप्रैल को पटना में होगा।
नीतीश युग का अंत: दो दशक का सफर
नीतीश कुमार ने बिहार को “सुशासन बाबू” के नाम से पहचान दिलाई। 2005 से लेकर अब तक कई बार मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने राज्य को बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था में नई ऊंचाइयां दीं। लेकिन अब राज्यसभा सांसद बनने के बाद वे दिल्ली की ओर रुख कर रहे हैं। 10 अप्रैल को उन्होंने राज्यसभा की शपथ ली और अब औपचारिक रूप से राज्य की सत्ता छोड़ने जा रहे हैं। आज शाम 4 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक उनकी आखिरी बैठक होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। बैठक के बाद वे राज्यपाल से इस्तीफा सौंप देंगे।
नई सरकार का स्वरूप: BJP का पहला CM, JDU का युवा चेहरा

NDA के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी (वर्तमान उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री) को मुख्यमंत्री पद की सबसे मजबूत दावेदारी हासिल है। वे कुर्मी समुदाय से आते हैं और OBC वोट बैंक में BJP की पकड़ मजबूत करने वाले चेहरे माने जाते हैं। उनके नेतृत्व में बिहार को विकास की नई गति मिलने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, JDU की ओर से निशांत कुमार (नीतीश कुमार के पुत्र) उपमुख्यमंत्री बनने की प्रबल संभावना है। हाल ही में JDU में शामिल हुए निशांत युवा, शिक्षित और विनम्र छवि वाले नेता हैं। पार्टी के अंदर उन्हें “युवा चेहरा” के रूप में देखा जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि NDA की नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं – एक BJP से और एक JDU से।
इस दौड़ में विजय कुमार चौधरी (JDU के वरिष्ठ नेता और जल संसाधन मंत्री) भी शामिल हैं। वे बिहार विधानसभा के पूर्व स्पीकर और पार्टी के नंबर-2 माने जाते हैं। हालांकि, अभी तक सम्राट चौधरी की दावेदारी सबसे मजबूत बताई जा रही है।

कल का कार्यक्रम: शपथ ग्रहण में कौन-कौन शामिल?
15 अप्रैल को लोक भवन (पूर्व राज भवन) में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। NDA के सभी विधायकों की बैठक के बाद नए मुख्यमंत्री का चुनाव औपचारिक रूप से होगा और फिर राज्यपाल से शपथ लेंगे। विपक्षी दलों (RJD-Congress) की ओर से भी तैयारियां चल रही हैं, लेकिन NDA की मजबूत बहुमत वाली स्थिति में कोई चुनौती नहीं दिख रही।
क्या बदल जाएगा बिहार?
यह परिवर्तन बिहार की राजनीति में कई मायनों में ऐतिहासिक है…
* BJP का पहला मुख्यमंत्री: पहली बार BJP सीधे बिहार की सत्ता संभालेगी।
* नीतीश का मार्गदर्शन: नीतीश अब दिल्ली से राज्य को मार्गदर्शन देंगे।
* युवा नेतृत्व: निशांत कुमार जैसे नए चेहरे सत्ता में आएंगे।
* गठबंधन की मजबूती: NDA का गठबंधन और मजबूत होने की उम्मीद।
बिहार के करोड़ों लोगों की नजरें आज शाम की कैबिनेट बैठक और कल के शपथ ग्रहण पर टिकी हुई हैं। यह सिर्फ सत्ता हस्तांतरण नहीं, बल्कि “सुशासन” से “नए विकास” की ओर एक बड़ा कदम है।