BRICS SUMMIT : कूटनीति के मोर्चे पर बड़ा बदलाव… 7 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत आ रहे हैं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग!

Bindash Bol

* BRICS में शामिल होने भारत नहीं आएंगे बांग्लादेशी PM तारिक रहमान

BRICS SUMMIT :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के औपचारिक निमंत्रण पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जल्द ही भारत की धरती पर कदम रखेंगे। मौका होगा ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का, जिसमें शामिल होने के लिए जिनपिंग आधिकारिक तौर पर भारत आ रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने खुद इसकी पुष्टि कर दी है। चीनी राष्ट्रपति का यह दौरा दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच कूटनीतिक रिश्तों की बर्फ पिघलाने की दिशा में एक बेहद अहम मोड़ माना जा रहा है। आखिरी बार उन्होंने 2019 में भारत का दौरा किया था। वहीं दूसरी तरफ
बांग्लादेशी PM तारिक रहमान  ब्रिक्स समिट में शामिल नहीं हो रहे हैं।

गलवान के बाद पहली बार आमने-सामने

​साल 2020 की गर्मियों में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई खूनी झड़प के बाद से यह पहला मौका होगा जब शी जिनपिंग भारत का दौरा कर रहे हैं। जून 2020 की उस हिंसक घटना में भारत के 20 वीर सैनिक शहीद हुए थे, जो 1975 के बाद सीमा पर हुई पहली बड़ी खूनी झड़प थी।

इस घटना के बाद से ही वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव का माहौल बना हुआ था और दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्ते गहरे शीतयुद्ध के दौर से गुजर रहे थे। ऐसे तनावपूर्ण अतीत के बीच यह यात्रा कूटनीति के लिहाज से बेहद संवेदनशील और बड़ी कड़वी गोलियों को मीठा करने की कोशिश जैसी है।

तनातनी के बीच हो रही है मुलाकात

​यह मुलाकात ऐसे समय में तय हुई है जब दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय दावों को लेकर खिंचाव कम नहीं हुआ है। हाल ही में भारत ने अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों के नए नाम तय करते हुए अपना आधिकारिक नक्शा जारी किया था, जिस पर बीजिंग की ओर से कड़ी आपत्ति और नाराजगी जताई गई थी। इन तमाम कूटनीतिक वार्ताओं, नक्शों के खेल और सरहद पर जमी बर्फ के बीच प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता इस बात का संकेत है कि कूटनीति में संवाद के दरवाजे कभी पूरी तरह बंद नहीं होते।

​अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या यह हाई-प्रोफाइल मुलाकात भारत और चीन के ठंडे पड़े संबंधों को एक नई गर्माहट दे पाती है या सरहद के पेचीदा समीकरण जस के तस बने रहते हैं।

BRICS में शामिल होने भारत नहीं आएंगे बांग्लादेशी PM तारिक रहमान

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान BRICS समिट में शामिल नहीं होंगे। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने इसकी पुष्टि की है। बांग्लादेश ने PM तारिक रहमान के भारत दौरे की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा,

‘तारिक रहमान को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री के तौर पर आमंत्रित नहीं किया गया है, बल्कि निमंत्रण सात देशों वाले बिम्सटेक के अध्यक्ष के रूप में दिया गया है।’हुमायूं कबीर ने कहा है कि बांग्लादेश की ओर से कोई सरकारी प्रतिनिधि BRICS समिट में जा सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री रहमान के भारत आने की कोई संभावना नहीं है।

बांग्लादेश BRICS का सदस्य नहीं है लेकिन भारत ने BIMSTEC के मौजूदा चेयरमैन के तौर पर तारिक रहमान को BRICS समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने का न्योता भेजा है। BRICS आउटरीच से मतलब 11 देशों के अलावा भारत कुछ दूसरे देशों के नेताओं को भी बैठक करता है. जिसे आउटरीच बैठक कहा जाता है।
BIMSTEC दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों का क्षेत्रीय संगठन है. इसमें भारत समेत सात देश शामिल हैं.

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