डॉ प्रशान्त करण
Cockroach Party : आजकल सोशल मिडिया में कॉकरोच पार्टी की बड़ी चर्चा है . विरोधी कहने लगे हैं कि कॉकरोच पार्टी के प्रणेता , सम्प्रति अमेरिका में प्रवासी का पूर्व से भारतीय राजनैतिक दल आम आदमी पार्टी से बड़ा गहरा नाता है . सयाने बताते हैं कि इसके सबसे अधिक फॉलोअर पाकिस्तान , बंगलादेश के लोग हैं . बहुत लोगों को इस पर आश्चर्य नहीं हो रहा है।
लेकिन हमारे रामलाल जी को इसपर घनघोर आपत्ति है . मैंने इसका कारण पूछा तो विफर उठे . कहने लगे कि सच में अगर दल अपना नाम बदल कर कॉकरोच पार्टी कर रहा है तो इसमें गिरगिटों को जबरदस्त आपत्ति है . मैंने पूछा – सो कैसे ? तो बोले – मैं जानवरों की भाषा जानता हूँ . आज सुबह पार्क में टहल रहा था कि एक सयाने गिरगिट को दूसरे युवा गिरगिट को यह कहते सुना – हद है ! हमारी बराबरी अब कॉकरोच करने निकला है . जन्म से हम कॉकरोचों पर पले हैं .उसकी इतनी औकात ! रही बात उस राजनीतिक दल की तो उसे राजनीति हमलोगों की प्रजाति ने सिखाई . वे इतना अधिक सीख गए कि हमें पीछे छोड़ गए . रंग बदलने के हमारे गुण की तुलना अब हमसे नहीं होकर उनसे होने लगी है . लेकिन कॉकरोचों का उनके चरित्र से कब संबंध बन गया , हम जान नहीं पाए . अगर उस दल ने उन कॉकरोचों पर अपने नाम बदले तो हमारी पूरी गिरगिट प्रजाति सत्याग्रह और आंदोलन पर उतर जाएगी . हमारी बात घड़ियालों के नेताओं से भी हुई है . वे हमारे आंदोलन को नैतिक समर्थन देने को तैयार हैं . सुना है भेड़ियों , लोमड़ियों और सियारों की प्रजाति कॉकरोच दल को अपना नैतिक समर्थन देंगे . कठिन समय है . हमें आंदोलन तेज करना होगा . हमें गदहों की प्रजाति का पूर्ण समर्थन मिलना तय है . भेंड़ों और बकरियों का कोई ठिकाना नहीं . समय के साथ देखते हैं , कौन किसका समर्थन और विरोध करता है .
रामलाल ने बताया कि गिरगिटों के साथ उनका भी नैतिक समर्थन होगा . कॉकरोचों के लिए मांग करनी होगी कि पूरे राष्ट्र में पेस्ट कंट्रोल अभियान चलाया जाए . यह बड़बड़ाते हुए रामलाल चले गए .
Cockroach Party : बनना कॉकरोच पार्टी का
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