* दिल्ली में आंदोलन के नाम पर उपद्रव… भीड़ ने RAF जवान को किया लहूलुहान; अब तक 10 FIR दर्ज
* भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात RAF जवान को किया लहूलुहान
* दिल्ली के कनॉट प्लेस में RAF जवान पर हुआ था हमला
* दिल्ली: CJP प्रदर्शन मामले में अब तक 10 FIR दर्ज
Delhi Violence : कल यानी मंगलवार की शाम देश की राजधानी दिल्ली से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया. ड्यूटी पर तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान की लिंचिंग की कोशिश की गई. करीब 8 बजे भीड़ ने उसे घेरकर बेरहमी से निशाना बनाया. उपद्रवियों ने उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसों और डंडों से जमकर मारपीट की. पूरी तरह लहूलुहान कर दिया.
आरएएफ जवान पर हमले के बाद दिल्ली पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है. दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और जवानों पर हुए हमले को लेकर अब तक कुल 10 FIR दर्ज की गई हैं. संसद मार्ग थाने में चार, कनॉट प्लेस थाने में तीन और बाकी थानों में एक-एक मामला दर्ज किया गया है. दिल्ली पुलिस सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है.
किस थाने में कितने मामले
* संसद मार्ग थाना 4 FIR
* सीपी थाना 3 FIR
* मंदिर मार्ग थाना 1 FIR
* बाराखंभा रोड थाना 1 FIR
* कर्तव्य पथ थाना 1 FIR
किन-किन मामलों में FIR
प्रोटेस्ट के दौरान नई दिल्ली इलाके में अवैध तरिके से उड़ाए गए ड्रोन को लेकर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है. सरकारी आदेश की अवहेलना करने के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. ये एफआईआर दिल्ली के संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई है. बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जब मार्च हो रहा था उस दौरान ड्रोन उड़ाया गया था. सुरक्षा के लिहाज से हाई सिक्योरिटी इलाके में ड्रोन उड़ाने पर रोक है.
किन-किन धाराओं के तहत मामला दर्ज
* धारा 223 BNS लोक सेवक को उसके वैध कर्तव्य के निर्वहन से रोकना या बाधा पहुंचाना
* धारा 221 BNS सरकारी आदेश की अवज्ञा करना
* धारा 132 BNS लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
* धारा 121(1) एवं 121(2) BNS गैर-कानूनी जमावड़ा के दौरान लोक सेवको को चोट पहुंचाना
* धारा 189(3) BNS अगर कोई व्यक्ति किसी गैरकानूनी सभा में शामिल होता है. यह पता होते हुए भी की वो जिस सभा में शामिल है वो गैरकानूनी है, लेकिन फिर भी उसका सदस्य बना रहता है। ऐसे व्यक्ति पर धारा 189(3) के तहत कार्यवाही की जाती है।
* धारा 190 BNS यदि किसी गैरकानूनी सभा (अवैध भीड़) के किसी भी सदस्य द्वारा उस सभा के सामान्य उद्देश्य को पूरा करने के लिए कोई अपराध किया जाता है, तो उस भीड़ में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को उस अपराध का दोषी माना जाएगा
* धारा 191(2) BNS घातक हथियार से लैस होकर दंगा करना
* धारा 192 BNS जानबूझकर दंगे के लिए उकसाना
* धारा 195(1) BNS लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन में बाधा पहुंचाने या उस पर बल प्रयोग से संबंधित अपराध
* धारा 109 BNS हत्या के प्रयास (Attempt to Murder)
* धारा 324(5) BNS सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित गंभीर अपराध
* सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम (PDPP Act), धारा 3- सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना
छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद हिंसक हुआ प्रदर्शन
बता दें कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च का ऐलान किया था. सीजेपी के समर्थक जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर बढ़ रहे थे. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. मगर वे रुके नहीं आगे बढ़ते गए. इस दौरान बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई.
पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया. इसके बाद आंसू गैस के गोले भी छोड़ गए. इसके बाद पुलिस और सीजेपी के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस झड़प में छात्रों के साथ-साथ कई पुलिस और जवान भी घायल हुए.