Donald trump nobel peace prize : मचाडो ने ट्रंप को दिया अपना नोबेल पुरस्कार, क्या ट्रांसफर किया जा सकता है ये अवॉर्ड?

Bindash Bol

Donald trump nobel peace prize : वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने गुरुवार को अपना नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दे दिया है. व्हाइट हाउस में उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात हुई इसी दौरान उन्होंने अपना ये अवॉर्ड दिया. उन्होंने कहा, दो सौ साल के इतिहास में यह पहली बार है कि वेनेजुएला की जनता वॉशिंगटन के उत्तराधिकारी को एक पदक दे रही है. यह नोबेल शांति पुरस्कार का पदक है, जो हमारी आजादी के लिए उनके खास योगदान के सम्मान में दिया जा रहा है.

मचाडो का यह कदम ट्रंप के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को वेनेजुएला भेजकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कराने और अमेरिका लाकर उन पर आरोप तय कराने का आदेश दिया था.

ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार को लेकर क्या कहा?

इस मुलाकात के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, आज वेनेजुएला की मारिया कोरीना मचाडो से मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान था. वो एक अद्भुत महिला हैं, जिन्होंने बहुत कुछ सहा है. ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार को लेकर कहा, मारिया ने मेरे किए गए काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार गिफ्ट किया. आपसी सम्मान का यह एक शानदार संकेत है. धन्यवाद, मारिया!

क्या कहते हैं नियम?

जहां मारिया ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया है. वहीं, सवाल उठते हैं कि क्या यह पुरस्कार ऐसे किसी और को दिया जा सकता है या नहीं. आईए जानते हैं कि क्या कहते हैं नियम. नोबेल पीस सेंटर ने एक्स पर एक लंबा पोस्ट जारी कर पुरस्कार को किसी और को दे सकते हैं या नहीं इससे जुड़े नियमों को समझाया. सेंटर ने बताया कि पहले भी नोबेल शांति पुरस्कार बेचे गए हैं.

पोस्ट में कहा गया, एक उदाहरण दिमित्री मुरातोव के पदक का है, जिसे यूक्रेन युद्ध के शरणार्थियों की मदद के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा में नीलाम किया गया था. इसके अलावा उन्होंने यह भी जोड़ा, नोबेल पीस सेंटर में प्रदर्शित किया गया पदक असल में उधार पर रखा गया है और वो नॉर्वे के पहले शांति पुरस्कार विजेता क्रिश्चियन लूस लैंग का था.

हालांकि सच्चाई यह है कि नोबेल शांति पुरस्कार खुद किसी और को नहीं दिया जा सकता, सिर्फ उसका पदक ही किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपा जा सकता है. एक बार अगर किसी व्यक्ति को नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाए तो फिर वो खिताब उसी के नाम रहता है. मारिया के ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने का मतलब यह नहीं है कि ट्रंप अब नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता हो गए.

नॉर्वेजियन नोबेल समिति के अनुसार, एक बार नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद उसे न तो वापस लिया जा सकता है, न शेयर किया जा सकता है और न ही किसी और को दिया जा सकता है. यह फैसला हमेशा के लिए अंतिम होता है. इसलिए पदक का मालिक बदल सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का दर्जा नहीं बदलता.

क्या किया जा सकता है ट्रांसफर?

नहीं, नोबेल शांति पुरस्कार ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है. नोबेल शांति पुरस्कार एक आधिकारिक सम्मान है, जो सिर्फ नॉर्वेजियन नोबेल समिति देती है. जब समिति किसी का नाम घोषित कर देती है, तो वही व्यक्ति हमेशा के लिए नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कहलाता है. मारिया कोरीना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का पदक ट्रंप को दिया है. यह सिर्फ पदक है जैसे ट्रॉफी या मेडल.

ट्रंप पदक स्वीकार कर सकते हैं. इसमें कोई नियम नहीं टूटता. लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिल गया. नोबेल समिति साफ कहती है-

  • नोबेल पुरस्कार वापस नहीं लिया जा सकता
  • किसी और को सौंपा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता
  • साझा भी नहीं किया जा सकता

इसलिए पदक का मालिक बदल सकता है. लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का दर्जा नहीं बदलता. पहले भी नोबेल शांति पुरस्कार के पदक नीलामी में बेचे गए हैं या दान किए गए हैं. लेकिन, उन मामलों में भी पुरस्कार उसी व्यक्ति के नाम रहा, जिसने असल में जीता था.

नोबेल शांति पुरस्कार कागजों, रिकॉर्ड और इतिहास में हमेशा मारिया कोरीना मचाडो के नाम ही रहेगा. ट्रंप कभी भी नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नहीं कहलाएंगे. ट्रंप के पास सिर्फ एक मेडल होगा, सम्मान या खिताब नहीं.

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