GST : भारत सरकार ने हाल ही में अनुमोदित जीएसटी दर कटौती का फायदा हर वर्ग के आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए एक व्यापक निगरानी प्रणाली स्थापित की है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि व्यापारिक प्रतिष्ठान कर दरों में मिली राहत को खुद हजम ना कर, ग्राहकों तक पूर्ण रूप से स्थानांतरित करें।
उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए केंद्रीय और राज्यस्तरीय एजेंसियाँ लगातार कंपनियों की कीमतों पर नजर रख रही हैं, जिससे ईमानदारी से दर कटौती का फायदा आम जनता को मिले।
कुल 400 वस्तुओं की वर्तमान कीमतों का व्यापक डेटा संकलन शुरू कर दिया गया है और 22 सितंबर से नई दरें लागू होने के बाद इनकी तुलना की जायेगी। अप्रत्यक्ष कर प्राधिकरण वस्तुओं और सेवाओं की मूल्य संरचना पर सतत नज़र रखेंगे।
वित्त मंत्रालय ने कई औद्योगिक समूहों के साथ प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित किया है और उनसे स्पष्ट आश्वासन मांगा है कि जीएसटी कटौती का संपूर्ण फायदा उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। उद्योग जगत के नेताओं ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि वे कर लाभ को सीधे ग्राहकों तक स्थानांतरित करेंगे।
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों, जिनमें चार सामान्य बीमाकर्ता और भारतीय जीवन बीमा निगम शामिल हैं, को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे छूट का संपूर्ण लाभ उपभोक्ताओं को दें। यह कदम निजी बीमा कंपनियों पर भी दबाव डालेगा कि वे भी ऐसा ही करें। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी की पूर्ण छूट से परिवारों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।
पूरे देश में निगरानी नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है जिससे कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बनी रहे और कोई मिलिभगत (कार्टेलीकरण) कर मुनाफाखोरी न कर सके।
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उपभोक्ताओं को नवरात्रि के दौरान ही लाभ मिलना शुरू हो जाए और दीवाली तक बदलाव का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे। यह समयसीमा प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित की गई है ताकि त्योहारी खरीदारी के मौसम में आम जनता को तत्काल राहत मिल सके।