Hanuman Ansh :’हनुमान अंश’ पर घमासान: बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई के बीच आस्था बनाम राजनीति का संग्राम तेज

Bindash Bol

Hanuman Ansh : बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों सिनेमाघरों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी सबसे बड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है। बाबा नीम करोली के जीवन और उनके चमत्कारों पर आधारित इस फिल्म को जहां एक वर्ग द्वारा टैक्स-फ्री करने की जोरदार मांग उठ रही है, वहीं इस पर छिड़ी राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।

बॉक्स ऑफिस पर धूम और टैक्स-फ्री की मांग

​फिल्म में सनातन संस्कृति, आस्था और समाज सेवा के संदेश को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसी प्रभाव को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस पर अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रियाएं दी हैं….

* ​बीजेपी का समर्थन: बीजेपी नेता संगीत सोम और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने फिल्म की सराहना करते हुए इसे सभी राज्यों में टैक्स-फ्री करने की पुरजोर वकालत की है। प्रतुल शाह देव का कहना है कि इस पहल से ज्यादा से ज्यादा लोग बाबा नीम करोली के निस्वार्थ जीवन दर्शन से रूबरू हो सकेंगे। बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी फिल्म का समर्थन करते हुए आलोचकों पर करारा कटाक्ष किया।

* ​कांग्रेस का अंदरूनी रुख: फिल्म को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर बंटे हुए सुर दिखाई दिए। एक तरफ जहां कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इस पर कड़ा एतराज़ जताते हुए इसे धर्म की राजनीति और भावनाओं के दोहन का प्रयास करार दिया, वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इसे राशिद अल्वी का निजी बयान बताते हुए इससे पल्ला झाड़ लिया और कहा कि फिल्म को टैक्स-फ्री करने का फैसला पूरी तरह सीएम योगी का होगा।

* ​जेएमएम का सवाल: जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने इस मुद्दे पर हो रही राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब दर्शक खुद फिल्म देखने जा रहे हैं और इसे बेहतरीन बता रहे हैं, तो इस पर अनावश्यक सियासत नहीं होनी चाहिए।

आस्था बनाम राजनीति का संग्राम

​फिल्म पर मुख्य विवाद कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता में आने के बाद से धर्म को राजनीति का केंद्र बना रही है और ऐसे प्रोजेक्ट्स के जरिए लोगों की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
​बहरहाल, राजनीतिक सरगर्मी और बयानों के इस दौर के बीच ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है, और यह बहस छिड़ गई है कि क्या कला और आस्था से जुड़े ऐसे सिनेमा को टैक्स-फ्री किया जाना चाहिए या इसे राजनीति से दूर रखना चाहिए।

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