* राज्यसभा की दो सीटें… लेकिन सियासी गणित पूरे झारखंड का बदल सकती हैं!
Jharkhand Politics : झारखंड समेत दूसरे राज्यों में खाली हो रही राज्यसभा की सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हो गई है. भारत निर्वाचन आयोग 1 जून से इसके लिए प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 1 जून को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन दाखिल किया जाएगा. 8 जून तक नामांकन पर्चा भरा जाएगा. 9 जून को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी और 11 जून को नामांकन वापसी की तिथि निर्धारित की गई है.
18 जून को होगी वोटिंग
दरअसल 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होंगे. वोटों की गिनती उसी दिन यानी 18 जून को शाम 5 बजे से शुरू की जाएगी. इस तरह से 20 जून तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.
झारखंड की दो सीटों के लिए होगा चुनाव
झारखंड समेत देशभर में होने वाले राज्यसभा चुनाव की तारीख की घोषणा होते ही राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है. राज्य में दो सीटों के लिए चुनाव होना है. दिवंगत शिबू सोरेन के निधन की वजह से 4 अगस्त 2025 से राज्यसभा की एक सीट खाली है जबकि दूसरी सीट दीपक प्रकाश के 21 जून को कार्यकाल समाप्त होने की वजह से खाली हो रही है.
निर्वाचन आयोग की तैयारी शुरू
झारखंड में राज्यसभा के दो सीटों के लिए होनेवाले चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा है कि आगामी 1 जून को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगा जो 8 जून तक चलेगा मतदान 18 जून को निश्चित है यदि दो से अधिक अभ्यर्थी चुनाव मैदान में होते हैं तो सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगा और इसी दिन शाम 5:00 बजे मतों की गिनती करा कर चुनाव परिणाम की घोषणा की जाएगी. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न करने के लिए चुनाव आयोग के दिशा निर्देश का अक्षरश: पालन होगा.
झामुमो के खाते में एक सीट आना तय जबकि दूसरी सीट पर रोचक मुकाबला
यदि आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ जेएमएम कांग्रेस राजद के पास 56 विधायकों का मत है, जिसमें जेएमएम के पास 34, कांग्रेस के पास 16 और राजद के 4 विधायक और भाकपा माले के 2 विधायक है. मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, झारखंड मुक्ति मोर्चा के खाते में एक सीट सुरक्षित मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट के लिए दिलचस्प मुकाबला होने की संभावना है.
विपक्ष की ओर से प्रत्याशी उतारने की संभावना
वहीं विपक्षी खेमे में 24 विधायकों का समर्थन है. जिसमें बीजेपी के 21, आजसू, लोजपा और जदयू के 1-1 विधायक शामिल हैं. पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद विपक्ष की ओर से प्रत्याशी को उतारने की संभावना जताई जा रही है. इधर, सत्तारुढ़ झामुमो, कांग्रेस और राजद की ओर से यदि दो प्रत्याशी खड़े किए जाते हैं तो मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं.
भाजपा नेता का बयान
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा कहते हैं कि आंकड़ा भले ही हमारे पास नहीं है, मगर हमारे विरोधियों के बीच जिस तरह से खटपट चल रही है, उसका फायदा हमें मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा की दोनों सीट के लिए होने वाले चुनाव के दौरान नामांकन से लेकर मतदान और कॉउटिंग तक हमारी नजर रहेगी.