JPSC-JSSC Protest:  बैरिकेड्स ध्वस्त, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही हमला; हंगामे के बीच विधानसभा सोमवार तक स्थगित

Bindash Bol

JPSC-JSSC Protest:  जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का गुस्सा अब बेकाबू हो चुका है। बीते 14 दिनों से जारी आंदोलन शुक्रवार को उस वक्त बेहद उग्र हो गया, जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) समेत कई छात्र संगठनों ने एक साथ विधानसभा घेराव के लिए कूच किया। इस दौरान उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली से आंदोलन की अगुवाई करने पहुंचीं आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर अज्ञात व्यक्ति ने स्याही फेंक दी। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया है।
स्याही हमले के बावजूद नेहा बोरा का रुख सख्त बना रहा। मंच से हुंकार भरते हुए उन्होंने कहा, “झारखंड का युवा जेपीएससी और जेएसएससी की धांधली से आजिज आ चुका है। जब तक विवादित परीक्षाओं और उनके परिणामों को रद्द नहीं किया जाता, यह आंदोलन थमेगा नहीं।”

बैरिकेड्स तोड़ नए विधानसभा भवन की ओर बढ़ा हुजूम

आमतौर पर रांची पुलिस प्रदर्शनकारियों को बिरसा चौक पर ही रोक लेती है, लेकिन इस बार छात्रों के अभूतपूर्व जनसैलाब के आगे सुरक्षा तंत्र लाचार नजर आया। प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा और बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पुराने विधानसभा भवन से नए भवन की ओर तेजी से बढ़ गए। हाथ में लाल झंडे थामे प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के साथ-साथ स्कूली छात्राएं और वामपंथी संगठनों के सदस्य भी इस आंदोलन का हिस्सा बने। पूरा इलाका ’14वीं जेपीएससी रद्द करो’, ‘जय भीम’ और ‘लाल सलाम’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।

सड़क से सदन तक हड़कंप, विधानसभा सोमवार तक स्थगित

सड़क पर उमड़े इस छात्र सैलाब का सीधा असर झारखंड विधानसभा के भीतर भी देखने को मिला। प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मुद्दे पर विपक्षी विधायकों ने सदन के अंदर जोरदार हंगामा किया। चौतरफा दबाव और हंगामे को देखते हुए विधानसभा की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

​स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट हुआ यह आंदोलन झारखंड के इतिहास के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन चुका है, जिसने हेमंत सोरेन सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

Share This Article
Leave a Comment