Jharkhand Protest : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन का शुक्रवार को 14वां दिन रहा। राजधानी रांची में हजारों अभ्यर्थी खुले आसमान के नीचे धरने पर डटे हैं। इस बीच आंदोलन की गूंज विधानसभा तक पहुंच गई, जहां पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला।
इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार छात्रों की हर समस्या सुनने और उसका समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
“सरकार हर छात्र की समस्या का समाधान चाहती है। छात्रों की हर जायज़ इच्छा पूरी करने की कोशिश होगी। बातचीत के सभी मंच पहले से उपलब्ध हैं और सरकार संवाद के लिए तैयार है।” – हेमंत सोरेन
बातचीत को तैयार सरकार, लेकिन रखी यह शर्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आंदोलनकारी छात्रों से सीधे संवाद चाहती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत केवल छात्र प्रतिनिधियों से ही होगी।
दरअसल, आंदोलनकारी छात्रों ने बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है, जिसमें 8 छात्र, 2 पत्रकार (अभिभावक प्रतिनिधि के रूप में) और एक कानूनी विशेषज्ञ शामिल हैं। सरकार ने प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता और गैर-छात्र सदस्यों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई है।
आंदोलन में अब आम जनता और स्कूली बच्चे भी शामिल
छात्र आंदोलन को अब समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन मिलने लगा है। प्रदर्शन स्थल पर स्कूली बच्चे भी पहुंच रहे हैं।
13 वर्षीय छात्र जैद, जो कक्षा 6 में पढ़ता है, ने कहा,
“हम मेहनत करते हैं, दिन-रात पढ़ाई करते हैं, लेकिन आखिर में या तो पेपर लीक हो जाता है या परीक्षा ही रद्द कर दी जाती है।”
सरकार बोली— समाधान निकलेगा
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
“ये हमारे बच्चे हैं। बातचीत होगी, समिति बनाई गई है और जल्द उनसे मुलाकात कर रास्ता निकाला जाएगा।”
विधानसभा में भी गरमाया मुद्दा
छात्र आंदोलन का असर विधानसभा के मानसून सत्र में भी देखने को मिला। भाजपा विधायकों ने सरकार को घेरते हुए विधानसभा के भीतर और बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जबकि सत्ता पक्ष ने समाधान निकालने का भरोसा दोहराया।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
* JPSC पेपर लीक मामले की CBI और ED से जांच
* पेपर लीक मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई
* TDPL द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए
* TDPL को ब्लैकलिस्ट कर TCS जैसी विश्वसनीय एजेंसी से परीक्षाएं कराई जाएं
* JPSC और JSSC के कथित भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई
* भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर लागू किया जाए
फिलहाल क्या स्थिति है?
सरकार बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन प्रतिनिधिमंडल की संरचना को लेकर मतभेद बना हुआ है। दूसरी ओर छात्र अपनी मांगों पर अडिग हैं और आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार और छात्रों के बीच जल्द सहमति बनती है या यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेता है।