Students Protest : झारखंड में JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ 14 दिनों से सड़क पर उतरे छात्रों और हेमंत सरकार के बीच पहली औपचारिक बातचीत खत्म हो गई। मोरहाबादी राजकीय अतिथिशाला में करीब डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद छात्रों ने साफ कर दिया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा।
90 मिनट का मैराथन संवाद
बैठक में सरकार की ओर से 4 मंत्री (चमरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव) और विकास आयुक्त शामिल रहे। वहीं छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और धांधली की निष्पक्ष जांच का पूरा कच्चा-चिट्ठा टेबल पर रख दिया।
सीएम सोरेन का रुख
बैठक से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार युवाओं के हर सवाल और सुझाव को सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि भर्ती व्यवस्था में बड़े सुधार के लिए छात्रों की भागीदारी जरूरी है और संवाद का दायरा बढ़ाया जाएगा।
आगे क्या?
मंत्रियों की कमेटी अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी, जिसके बाद दूसरे दौर की बातचीत हो सकती है। हालांकि, छात्रों का रुख एकदम स्पष्ट है—महज आश्वासनों से बात नहीं बनेगी, कार्रवाई होने तक लड़ाई जारी रहेगी।