Karnataka Politics : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. बेंगलुरु में सीएम आवास पर मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में उन्होंने इसकी घोषणा की. उन्होंने मंत्रियों को अपने इस फैसले की जानकारी दी. दोपहर तीन बजे सिद्धारमैया लोकभवन जाएंगे. वह राज्यपाल ऑफिस को अपना इस्तीफा सौंपेंगे क्योंकि इस समय कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु में नहीं हैं. वह इस समय मध्य प्रदेश के इंदौर में हैं. कहा जा रहा है कि उनके कोई रिश्तेदार बीमार हैं, जिसको देखने के लिए वो यहां पहुंचे हैं.
सिद्धारमैया ने सुबह 10.30 बजे ब्रेकफास्ट पर कैबिनेट की मीटिंग बुलाई थी. इसी बैठक में उन्हें इस्तीफे का ऐलान करना था. उनके इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. इसको लेकर पिछले काफी समय से जद्दोजहद चल रही थी.
23 मई को 2023 को सिद्धारमैया बने थे CM
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार 2023 में बनी थी. 23 मई को सिद्धारमैया ने सीएम पद की शपथ ली थी. डीके को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था. उस समय ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर बात हुई थी. मतलब पहले ढाई साल सिद्धारमैया और बाकी के ढाई साल डीके शिवकुमार सीएम रहेंगे. मगर सरकार के तीन साल बाद भी यहां सत्ता परिवर्तन नहीं हो पा रहा था. इसको लेकर सिद्धा और डीके का खेमा बंट चुका था.
यूं ही नहीं CM पद छोड़ने पर राजी हुए सिद्धा
डीके खेमा के लोग लगातार उन्हें सीएम बनाने की मांग कर रहे थे. बीते दिनों दिल्ली में इसको लेकर बड़ी बैठक हुई. इस बैठक में बाद सिद्धारमैया सीएम की कुर्सी छोड़ने को राजी हुए. हालांकि, इससे पहले राहुल गांधी ने उनसे बात की थी. सूत्रों के मुताबिक, कहा तो ये भी जा रही है कि सीएम सिद्धा यूं ही नहीं सीएम पद छोड़ने पर सहमत हुए. इसके बदले में उन्हें ऑफर दिया गया है.
इसमें एक राज्यसभा सीट और उनके बेटे को डिप्टी सीएम बनाने की बात कही गई है. इसमें एक राज्यसभा सीट और उनके बेटे को डिप्टी सीएम बनाने की बात कही गई है. यूं कहें तो बिहार वाला मॉडल. जैसे बिहार में नीतीश ने सीएम की कुर्सी छोड़ी और उसके बदले में उन्हें राज्यसभा भेजा गया और उनके बेटे को मंत्री पद दी गई.