Mausam Update : अप्रैल का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है, लेकिन देश के कई हिस्सों में गर्मी ने जून जैसी स्थिति पैदा कर दी है। चिलचिलाती धूप और तपती हवाओं ने दिन के समय लोगों का घर से निकलना मुश्किल बना दिया है। बिहार-झारखंड सहित उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड छू रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक फिलहाल देश का मौसम दो चरम स्थितियों से गुजर रहा है—एक ओर भीषण लू का प्रकोप है, तो दूसरी ओर कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है।
बिहार में गर्मी का कहर, गया सबसे गर्म
बिहार में गर्मी ने विकराल रूप ले लिया है। गया जी 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। राजधानी पटना समेत अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। हालांकि 24-25 अप्रैल के आसपास कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है।
उत्तर से दक्षिण तक गर्मी का प्रहार
गर्मी केवल बिहार या उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों और बिहार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटे तक लू चलने की आशंका है।
दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में भी उमस और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में अगले 4-5 दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के संकेत कम हैं।
लू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
* खाली पेट घर से बाहर न निकलें
* हमेशा पानी साथ रखें
* दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर जाने से बचें
* तेज गर्मी में घर या छायादार स्थान पर रहें
* पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करें
* तबीयत खराब होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
झारखंड में हीटवेव के साथ ठनका का खतरा
झारखंड का मौसम इस समय सबसे ज्यादा विरोधाभासी बना हुआ है। रांची मौसम केंद्र ने कई जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की है।
वहीं गुमला, खूंटी, सिमडेगा और जमशेदपुर सहित कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से ‘ठनका’ यानी आकाशीय बिजली को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है, क्योंकि यह इस मौसम में जान-माल के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाता है।
पूर्वोत्तर में बारिश, मैदानी इलाकों में तपिश
जहां उत्तर और मध्य भारत भीषण लू से जूझ रहे हैं, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश से राहत मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में इन इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
दूसरी ओर गर्म पछुआ हवाओं के कारण उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा और लोगों को अगले कुछ दिनों तक गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, बिहार-झारखंड में मौसम का मिजाज बेहद अस्थिर है—एक तरफ झुलसाती गर्मी, तो दूसरी ओर बारिश और ठनका का खतरा। ऐसे में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।