उमानाथ लाल दास
Political Drama : इस युवराज में हवा भर दी गयी है कि तुम्हें देश दे देंगे, तुम दिल्ली छोड़ देना। ज्ञान-संस्कृति की पीठ हम लोगों को। बस इसी पंप से वह शहादत की बेताबी का ड्रामा कर रहा है। वह भूल गया किसने उसे राज्यों से बेदखल किया। छुटभैये भूल गये उनको भी तो लतियाकर बाहर किया गया। कांग्रेस को दिल्ली से किसने खदेड़ा? योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को किसने लतियाकर बाहर किया! एक दूसरे को काट खाने को तैयार लोग अब तक साथ रहेंगे? जिसे दुश्मन का पता नहीं वह मदाड़ी कितने दिनों तक भीड़ को चौक-चौराहों पर जुटाकर रखेगा! प्रशांत भूषण और महमूद प्राचा किसका-किसका केस लड़ेंगे और कितने दिनों तक लड़ेंगे? अजित अंजुम जी आपकी पत्रकारिता की अंतिम परिणति रामलीला मैदान के मैनेजमेंट तक और योगेंद्र यादव जी आपकी सैफोलोजी भीड़ को सड़क पर जुटाने से आगे नहीं निकलेगी,,,खैर मनाइए कि यह भारत है! आपका आदर्श देश श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल होता तो क्या हस्र होता, बताने की जरूरत नहीं!! तिलचट्टों के संग कांग्रेस के सिपहसालार बनकर पत्रकारिता का जो कर रहे हैं वह तो खैर है ही, सबसे बड़ा नुक़सान आप देश की युवा ताकत का कर रहे हैं बिगड़ैल नक्सली बनाकर!! इसका खामियाजा तो भुगतना ही पड़ेगा,,, बस उनकी आंखों के सामने का पर्दा भर हट जाए ,,, अभी तो आप स्वतंत्र युवा पत्रकारों से भाग रहे हैं, देश भर के युवा जिस दिन आप जैसों का हिसाब लेंगे तो आपका स्वर्ग देश श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल शरण नहीं देगा।