Student Protest : झारखंड में भड़के छात्र आंदोलन के सामने राजनीति चमकाने की मंशा पालने वाले नेताओं के पैर अब उखड़ने लगे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके का दोहरा रवैया अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। कल तक जो नेता मंचों से गरजते हुए छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का दावा कर रहे थे और पार्टी के झारखंड पहुंचने के बड़े-बड़े डींगें हांक रहे थे, वे अब मैदान छोड़कर भागते नजर आ रहे हैं। अभिजीत दीपके ने अब साफ कह दिया है कि वे झारखंड नहीं जाना चाहते।
कल तक दीपके का दावा था—“हमारा पूरा समर्थन है, हमारी टीम खाना बांट रही है, मैं खुद मैदान में उतरूंगा।” लेकिन जैसे ही छात्रों के गुस्से की तपिश बढ़ी, स्वास्थ्य का बहाना बनाने वाले दीपके की असलियत सामने आ गई। ढोंग और सहानुभूति के इस खेल को छात्रों के अडिग इरादों ने बेअसर कर दिया है।
राजनीतिक रोटियां सेकने वालों का यह हाल सिर्फ दीपके तक सीमित नहीं है।
शुक्रवार (7 अगस्त 2026) को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को छात्रों के असली आक्रोश का सामना करना पड़ा। JPSC और JSSC CGL जैसी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ सड़कों पर उतरे नौकरी अभ्यर्थियों के सामने नेतागिरी करना बोरा को भारी पड़ गया। प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ उन्हें मंच से खदेड़ दिया, बल्कि मुंह पर स्याही पोतकर साफ संदेश दे दिया।
आंदोलनकारी छात्रों ने दो टूक चेतावनी दे दी है—”यह हमारा हक है, यह हमारी लड़ाई है! किसी भी राजनीतिक दल या बाहरी आकाओं के लिए यहां कोई जगह नहीं है।” राजनेताओं को अब समझ आ जाना चाहिए कि छात्रों का यह सैलाब अपनी लड़ाई खुद लड़ने में सक्षम है, और किसी की राजनीतिक बैसाखी का मोहताज नहीं!