West Bengal : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की आगामी योजनाओं और फैसलों का खाका सामने आया है, जिसमें शिक्षा, सुरक्षा, और सामाजिक मुद्दों से जुड़े कई अहम ऐलान किए गए हैं।
प्रमुख घोषणाएं और एजेंडा
* मदरसों और स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य .. राज्य सरकार ने स्कूलों के साथ-साथ पंजीकृत मदरसों में भी सुबह की सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रगीत के गानों और कानूनी प्रावधानों को लेकर सुनवाई चल रही है।
* घुसपैठ और सीमा सुरक्षा पर सख्त रुख: राज्य की जनसांख्यिकी को प्रभावित करने वाले अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सीमाओं को सुरक्षित करने और अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है।
* गौशालाओं के लिए सरकारी सहायता: राज्यभर में गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए गौशालाओं की स्थापना और संचालन में सरकार वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेगी। गोहत्या के खिलाफ नीति पर भी कड़ाई से अमल करने की बात कही गई है।
* समान नागरिक संहिता (UCC) पर तैयारी: सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति की परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में UCC (यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड) लागू किए जाने की योजना पर काम चल रहा है।
इन तमाम घोषणाओं और फैसलों के प्रशासनिक स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
