West Bengal : पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी धमाका करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि राज्य में अब समान नागरिक संहिता (UCC), NRC और धर्मांतरण विरोधी सख्त कानून लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल की संस्कृति, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए अवैध घुसपैठ पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
रवींद्र सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि UCC विधेयक 29 जून को विधानसभा में पेश किया जाएगा। उनका दावा है कि सीमा पार से लगातार हो रही अवैध घुसपैठ के कारण राज्य की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) बदल रही है, जिससे कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे मामलों पर रोक लगाने के लिए सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने शरणार्थियों और घुसपैठियों के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि धार्मिक उत्पीड़न झेलकर भारत आए हिंदू शरणार्थी हैं, घुसपैठिए नहीं। ऐसे लोगों को CAA के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया जारी रहेगी, जबकि अवैध रूप से आए विदेशी नागरिकों को वापस भेजने के लिए होल्डिंग सेंटर तैयार किए गए हैं।
उधर, राज्य सरकार के प्रस्तावित ‘बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ को लेकर भी सियासी घमासान तेज हो गया है। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने इस विधेयक का विरोध करते हुए इसे “बेहद खतरनाक” बताया और आरोप लगाया कि यह आपातकाल जैसे दौर की याद दिलाने वाला कानून है।