Hormuz Strait : ईरान का ‘मास्टरस्ट्रोक’! होर्मुज में बिना टोल के निकलेंगे जहाज!

Bindash Bol

Hormuz Strait :होर्मुज में टोल को लेकर ईरान ने नया प्रस्ताव रखा है. इसके तहत ओमान की सीमा के करीब से जाने वाले जहाजों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा. अमेरिका और ईरान के बीच पूर्ण युद्ध विराम के बाद इस प्रस्ताव को अमल में लाया जाएगा. यह फैसला ओमान के रूख को देखते हुए लिया गया है. ओमान ने प्राकृतिक रास्ते से कोई टोल नहीं लेने की घोषणा की थी. ओमान का कहना था कि इससे दुनिया में अव्यवस्था बढ़ सकती है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया- तेहरान की कोशिश अपनी सीमा को सुरक्षित रखने की है. वह ओमान की सीमा के करीब से जाने वाले जहाजों में दखलअंदाजी नहीं देगा. इसको लेकर एक प्रस्ताव विचाराधीन है. अगर सीजफायर में इस पर सहमति बनती है तो होर्मुज से आसानी से जहाज गुजर सकेंगे.

ईरान का यह प्रस्ताव क्यों अहम है?

1. अमेरिकी हमले को देखते हुए ईरान ने पूरे होर्मुज को ब्लॉक कर रखा है. अभी होर्मुज से जहाजों को गुजरने के लिए ईरान की परमिशन की जरूरत होती है. ईरान इसके लिए जहाजों से 2 मिलियन डॉलर का टोल वसूलता है. ईरान अब तक इस टोल सिस्टम को अधिकृत करने पर अड़ा था, लेकिन अब ईरान ने इस पर नरम रूख अख्तियार किया है.

2. 34 KM के होर्मुज जलडमरूमध्य का अधिकांश हिस्सा ईरान के कब्जे में है. ओमान सीमा से होर्मुज का जो हिस्सा लगता है, वो काफी उथला है. वहां पानी भी कम है. ऐसे में इस इलाके से बड़े जहाजों को ले जाना मुश्किल होगा. ईरान यह जानता है, इसलिए उसने यह दांव खेला है.

होर्मुज दुनिया के लिए क्यों जरूरी?

फारस की खाड़ी से ओमान की खाड़ी में जाने के लिए होर्मुज से होकर गुजरना जरूरी है. दुनिया के कुल तेल की लगभग 20 प्रतिशत सप्लाई इसी मार्ग से होती है. इराक, सऊदी अरब, कुवैत, यूएई और कतर जैसे देशों के लिए यह रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है. एशिया और यूरोप के अधिकांश देशों तक तेल और गैस की आपूर्ति भी इसी मार्ग से होती है.

यही वजह है कि जब ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक किया तो पूरी दुनिया में हलचल मच गई. ईरान फारस की खाड़ी में स्थित 4 द्वीपों के जरिए इस रूट को कंट्रोल करता है.

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