Jharkhand Rajya Sabha Election : क्या परिमल नाथवानी बिगाड़ेंगे महागठबंधन का गणित? राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड की सियासत में बढ़ी हलचल

Sushmita Mukherjee

Jharkhand Rajya Sabha Election : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। एक ओर महागठबंधन अपनी दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में जुटा है, तो दूसरी ओर पूर्व राज्यसभा सांसद और उद्योगपति परिमल नाथवानी की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

सीएम आवास में चली रणनीति की मैराथन बैठक

राज्यसभा चुनाव-2026 को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर अहम बैठक हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा चुनाव पर्यवेक्षक भूपेश बघेल तथा कांग्रेस नेता अजय शर्मा शामिल हुए। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में चुनावी रणनीति, गठबंधन के समन्वय और वर्तमान राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, महागठबंधन की दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियों और राजनीतिक समीकरणों पर गंभीर मंथन हुआ।

नाथवानी की मुलाकात से बढ़ी अटकलें

बैठक से एक दिन पहले शनिवार शाम पूर्व राज्यसभा सदस्य परिमल नाथवानी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी। खास बात यह है कि नाथवानी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र भी खरीद चुके हैं। ऐसे में उनकी इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।
हालांकि महागठबंधन के नेताओं ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

भूपेश बघेल का दावा— दोनों सीटों पर महागठबंधन की जीत तय

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने विश्वास जताया कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और दोनों राज्यसभा सीटों पर उसकी जीत सुनिश्चित है।
उन्होंने कहा, “कहीं कोई परेशानी नहीं है। महागठबंधन के दोनों उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे। सभी सहयोगी दलों के बीच सहमति बन चुकी है और कल झामुमो तथा कांग्रेस के उम्मीदवार एक साथ नामांकन दाखिल करेंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गठबंधन के सभी विधायकों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया है, जिससे एकजुटता का संदेश जाएगा।

नाथवानी से मुलाकात पर क्या बोले नेता?

परिमल नाथवानी और मुख्यमंत्री की मुलाकात पर उठ रहे सवालों पर भूपेश बघेल ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को किसी से मिलने का अधिकार है और इस मुलाकात का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता अजय शर्मा ने भी कहा कि गठबंधन के भीतर किसी तरह का भ्रम या मतभेद नहीं है। उनके मुताबिक, “महागठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ रहा है और दोनों सीटों पर जीत हासिल करेगा।”

बैद्यनाथ राम भी पहुंचे सीएम आवास

झामुमो के घोषित उम्मीदवार बैद्यनाथ राम भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे नामांकन की तैयारियों को लेकर चर्चा करने आए हैं। उन्होंने भी नाथवानी की मुलाकात को सामान्य बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी से भी मुलाकात करना स्वाभाविक बात है और इसे लेकर अनावश्यक अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए।

भाकपा माले ने भी खोले अपने पत्ते

इस बीच महागठबंधन के सहयोगी दल भाकपा माले ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य भाजपा को हराना है और वह उसी पक्ष का समर्थन करेगी जो भाजपा को पराजित करने की स्थिति में होगा।
हालांकि उन्होंने यह भी नाराजगी जताई कि सरकार में शामिल होने के बावजूद उनकी पार्टी को मंत्री पद नहीं मिला और राज्यसभा की एक सीट भी नहीं दी गई।

18 जून को होगा सियासी फैसला

राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति में समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं। महागठबंधन अपनी एकजुटता का दावा कर रहा है, जबकि विपक्ष भी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहा है। ऐसे में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब सबकी नजर 18 जून पर टिकी है, जब मतदान होगा और यह तय होगा कि झारखंड की राजनीतिक बिसात पर किसकी रणनीति सफल होती है और कौन बाजी मारता है। फिलहाल नाथवानी की मुलाकात, माले की नाराजगी और महागठबंधन की एकजुटता के दावों ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

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