Ram Mandir : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CCTV फुटेज में कैद हुई संदिग्ध हरकतें
SIT ने 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की CCTV रिकॉर्डिंग की जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आईं। फुटेज में कुछ कर्मचारी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां जेब, कपड़ों, जूतों और यहां तक कि मोजों में छिपाते दिखाई दिए। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कोई एक-दो बार की घटना नहीं, बल्कि लगातार दोहराया गया पैटर्न था।
इशारों में चलता था अलर्ट सिस्टम!
रिपोर्ट के अनुसार CCTV में कुछ लोग एक-दूसरे को इशारों से सतर्क करते भी नजर आए। SIT को आशंका है कि इस पूरे मामले में एक से अधिक लोगों की मिलीभगत हो सकती है और यह गतिविधियां सुनियोजित तरीके से की जा रही थीं।
सुरक्षा व्यवस्था में मिलीं कई बड़ी खामियां
SIT ने अपनी रिपोर्ट में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की कई कमियां गिनाई हैं।
* एंट्री और एग्जिट पर प्रभावी तलाशी नहीं होती थी।
* बायोमैट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था कमजोर थी।
* कर्मचारियों के ड्रेस कोड का सख्ती से पालन नहीं कराया गया।
* निजी सामान ले जाने पर स्पष्ट नियंत्रण नहीं था।
* चढ़ावे की गिनती और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही मिली।
* नियमित मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग भी पर्याप्त नहीं थी।
जांच एजेंसी का मानना है कि इन्हीं कमियों का फायदा उठाकर कथित चोरी को अंजाम दिया गया।
बिना लिखित आदेश के टिन्नू के पास थी चाबियां
रिपोर्ट का एक और बड़ा खुलासा यह है कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मंदिर की हुंडियों और गिनती कक्ष से जुड़ी कुछ चाबियां थीं, जबकि इसके लिए कोई औपचारिक लिखित आदेश मौजूद नहीं था।
SIT के मुताबिक, टिन्नू की सिफारिश पर मनीष यादव को चढ़ावे की गिनती के काम में लगाया गया था। बाद में उसका नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल हुआ।
6 लोगों के खिलाफ मिले शुरुआती सबूत
SIT को CCTV फुटेज, बरामद नकदी और बैंक खातों की जांच में छह लोगों के खिलाफ शुरुआती सबूत मिले हैं।
इनमें शामिल हैं…
* अविनाश शुक्ला
* अनुकल्प मिश्रा
* लवकुश मिश्रा
* मनीष कुमार यादव
* करुणेश पांडेय
* रमाशंकर मिश्रा
इन सभी के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी अमानत में खयानत समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा गया है।
20 हजार की नौकरी, लेकिन खातों में लाखों का लेन-देन
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारियों की मासिक सैलरी करीब 20 हजार रुपये थी, लेकिन उनके बैंक खातों में लाखों रुपये के ट्रांजैक्शन और कैश जमा होने के संकेत मिले हैं। अब जांच एजेंसियां इन पैसों के स्रोत की पड़ताल कर रही हैं।
20 लाख से ज्यादा नकदी और कीमती सामान बरामद
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से…
* ₹20.39 लाख नकद
* 1,121 अमेरिकी डॉलर
* सोने-चांदी के गहने
* संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज
बरामद किए गए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इन संपत्तियों और पैसों का स्रोत क्या है।
चांदी की ईंटों पर क्या बोली SIT?
सोशल मीडिया पर राम मंदिर से चांदी की ईंटें गायब होने के कई दावे किए जा रहे हैं। हालांकि SIT की शुरुआती रिपोर्ट में ऐसे किसी दावे की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है।
अभी जांच जारी, फाइनल रिपोर्ट में हो सकते हैं और बड़े खुलासे
SIT ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक जांच रिपोर्ट है। अभी कई पहलुओं की जांच जारी है। टीम यह भी पता लगा रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल था, निगरानी में कहां-कहां चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार किए जाने चाहिए।
फाइनल रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।