* सोने की रामचरितमानस, चाँदी की ईंटें, हार और काकभुशुंडि… राम मंदिर में ‘चोरी’ के दावे के बाद ट्रस्ट ने दिया पाई-पाई का हिसाब, कोषाध्यक्ष बोले- 2800 चीजें पूरी तरह सुरक्षित
Ram Mandir : अयोध्या के राम मंदिर में दान में मिली कीमती वस्तुओं के गायब होने के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी प्रमुख दान सामग्री सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की। ट्रस्ट ने करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की सोने की रामचरितमानस, चाँदी की ईंटें, भगवान के स्वर्ण चरण चिन्ह, हार और काकभुशुंडि सहित कई बहुमूल्य वस्तुएँ मीडिया के सामने रखीं।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि दान में मिली करीब 2800 वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित है और हर वस्तु का विधिवत पंजीकरण किया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दान सामग्री की चोरी के दावे पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व IAS अधिकारी एस. लक्ष्मीनारायणन ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा दान की गई लगभग 5 करोड़ रुपये मूल्य की सोने की रामचरितमानस का कोई पता नहीं है। ट्रस्ट ने इन आरोपों का जवाब देते हुए उसी रामचरितमानस को मीडिया के सामने प्रदर्शित कर दिया और दावा किया कि वह पूरी तरह सुरक्षित है।
SIT की शुरुआती जाँच में क्या सामने आया?
सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती जाँच में भी ट्रस्ट के रिकॉर्ड सही पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई करीब 38 किलो और 22.5 किलो चाँदी की ईंटें रिकॉर्ड के अनुसार सुरक्षित दर्ज हैं।
जाँच में यह भी सामने आया कि कुछ चाँदी की ईंटों को सुरक्षा और संरक्षण की प्रक्रिया के तहत गलाकर सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिन्टिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SPMCIL) भेजा गया था, जिसका पूरा कानूनी रिकॉर्ड उपलब्ध है। वहीं, मुंबई के कारोबारी और सिंधी समाज द्वारा दान की गई 200 किलो चाँदी भी ट्रस्ट के पास सुरक्षित पाई गई।
ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
इसी बीच राम मंदिर ट्रस्ट की लगभग तीन घंटे चली अहम बैठक में महामंत्री चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। उनकी जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में ट्रस्ट के 9 में से 7 स्थायी सदस्य मौजूद रहे, जबकि चंपत राय और अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए।
अब ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक 22 जुलाई को होगी। तब तक SIT की अंतिम रिपोर्ट भी आने की उम्मीद है। इसी बैठक में नए प्रशासनिक अधिकारियों, नए पदाधिकारियों और संभावित नए न्यासियों की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।