PM Modi : इंडोनेशिया में मोदी का मेगा डिप्लोमैटिक दांव! सर्वोच्च सम्मान, ब्रह्मोस डील और 10 बड़े समझौते… भारत की बढ़ी वैश्विक ताकत

Bindash Bol

* ब्रह्मोस से लेकर EVM तक… जकार्ता में मोदी और सुबियांतो ने रची रणनीतिक साझेदारी की नई इबारत!

PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय विदेश यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे, जहां राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। इस यात्रा ने सिर्फ कूटनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई नहीं दी, बल्कि रक्षा, तकनीक और आर्थिक सहयोग के कई नए रास्ते भी खोल दिए।

सबसे बड़ी उपलब्धि रही भारत-इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल डील। इस समझौते के तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के बाद भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। इतना ही नहीं, इंडोनेशिया ने भारतीय ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है, जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर में किया गया था।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों, भारत-इंडोनेशिया की ऐतिहासिक मित्रता और दोनों देशों के साझा विश्वास का सम्मान है।

भारत-इंडोनेशिया के बीच हुए प्रमुख समझौते

* ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की खरीद

* भारतीय ‘अस्त्र’ मिसाइल खरीदने पर सहमति

* इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में भारत का सहयोग

* भारतीय UPI को इंडोनेशिया के डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ने की पहल

* इंडोनेशिया में IIM बेंगलुरु का कैंपस स्थापित होगा

* कृषि, अंतरिक्ष, सैटेलाइट, क्रिटिकल मिनरल्स और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा

* समुद्री सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में साझेदारी

द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थितियों में बातचीत और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता है। उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत की पुरानी नीति दोहराते हुए ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ का समर्थन किया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत-इंडोनेशिया की साझा रणनीतिक सोच पर भी जोर दिया।
इस यात्रा ने साफ कर दिया कि भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि रक्षा निर्यात, डिजिटल तकनीक, शिक्षा और रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्र में भी तेजी से उभरती वैश्विक शक्ति बन रहा है।

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