NEET Paper Leak :’जहां कहेंगे, वहीं होगी बात…’ छात्र आंदोलन के बीच जितेंद्र सिंह का बड़ा संदेश, सरकार बोली- बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं

Bindash Bol

NEET Paper Leak :  NEET पेपर लीक विवाद को लेकर राजधानी दिल्ली में सियासी हलचल तेज है। एक तरफ जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार लगातार संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत की नई अपील करते हुए कहा कि सरकार हर स्तर पर चर्चा के लिए तैयार है।

‘जहां छात्र कहेंगे, वहीं होगी बातचीत’

जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की हर बात गंभीरता से सुनना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्र जिस समय और जिस स्थान पर बातचीत करना चाहें, सरकार वहां आने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, सरकार के लिए स्थान या समय नहीं, बल्कि समाधान महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं। छात्र जहां कहेंगे, वहीं बातचीत होगी। हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद के जरिए समाधान निकालना है।”

जेपी नड्डा भी रहेंगे बातचीत का हिस्सा

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित वार्ता में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी शामिल होंगे। उनका कहना था कि सरकार जितना समय छात्र चाहेंगे, उतना समय देने को तैयार है, ताकि सभी पक्ष अपनी बात खुलकर रख सकें और विवाद का स्थायी समाधान निकल सके।

चार बार भेजा जा चुका है बातचीत का प्रस्ताव

जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि सरकार अब तक आंदोलनकारी छात्रों और उनके प्रतिनिधियों को चार बार बातचीत का प्रस्ताव भेज चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र की प्राथमिकता आंदोलन को टकराव की दिशा में ले जाने की नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से सहमति का रास्ता निकालने की है।

पीएम मोदी का भी किया जिक्र

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि युवाओं का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

अब बातचीत पर टिकी निगाहें

फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि क्या आंदोलनकारी छात्र सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं। यदि दोनों पक्ष वार्ता की मेज पर आते हैं, तो लंबे समय से जारी इस विवाद का कोई ठोस और सकारात्मक समाधान निकलने की उम्मीद बढ़ सकती है।

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