BIG NEWS : छात्र आंदोलन पर सरकार का ‘फाइनल फॉर्मूला’! JPSC PT रद्द, न्यायिक जांच पर बन सकती है बात; आज 12 बजे निर्णायक बैठक

Bindash Bol

* 10 अगस्त के विधानसभा मार्च से पहले सरकार का बड़ा दांव, छात्रों की मांगों पर निकल सकता है समाधान

BIG NEWS : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर भड़का छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 10 अगस्त के विधानसभा मार्च और बंद के ऐलान से पहले हेमंत सोरेन सरकार छात्रों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए बड़ा फैसला ले सकती है। रविवार दोपहर 12 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच अहम बैठक होने जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार के स्तर पर 14वीं JPSC PT समेत कुछ प्रक्रियाधीन प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने पर गंभीरता से विचार हो चुका है। इसके साथ ही परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए न्यायिक जांच का रास्ता भी खोला जा सकता है।

JPSC PT पर बड़ा फैसला संभव

छात्रों की सबसे बड़ी मांग 14वीं JPSC PT को रद्द करने की है। सरकार इस मांग पर सकारात्मक रुख अपना सकती है। इसके अलावा JPSC की कुछ अन्य प्रक्रियाधीन परीक्षाओं को भी रद्द करने पर विचार हो रहा है, जिनका अंतिम परिणाम अभी जारी नहीं हुआ है। छात्रों की मांग में JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2026, ACF 2024, APP 2024 और JET 2026 जैसी परीक्षाएं भी शामिल हैं।

JSSC CGL पर फंसा पेंच

हालांकि JSSC CGL को रद्द करने का मामला आसान नहीं है। सूत्रों के अनुसार सरकार के शीर्ष स्तर पर इस मुद्दे पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है। परीक्षा रद्द करने की स्थिति में कई तकनीकी और विधायी पेच सामने आ सकते हैं।
वहीं JPSC और JSSC में व्यापक रिफॉर्म को लेकर सरकार की ओर से किसी बड़े अड़ंगे की बात सामने नहीं आ रही है। परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए सुधारों पर सरकार आगे बढ़ सकती है।

CBI नहीं तो न्यायिक जांच का रास्ता!

जांच के मुद्दे पर भी सरकार छात्रों को बड़ा विकल्प दे सकती है। सिर्फ CID जांच के बजाय हाईकोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त जज से जांच कराने का प्रस्ताव सामने आ सकता है।
दूसरा विकल्प यह हो सकता है कि हाईकोर्ट के जज की निगरानी में CID जांच कराई जाए। अब गेंद छात्रों के पाले में भी होगी कि वे इनमें से किस विकल्प पर सहमत होते हैं।

CM हेमंत ने मंत्रियों के साथ किया मंथन

जमशेदपुर से शहीद निर्मल महतो शहादत दिवस कार्यक्रम से लौटने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से बातचीत के लिए अधिकृत मंत्रियों के साथ बैठक की। मंत्री सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा, दीपिका पांडे सिंह और संजय प्रसाद यादव ने छात्रों के अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत की। हालांकि शुरुआती बातचीत से तत्काल समाधान नहीं निकल सका, लेकिन सरकार ने बातचीत के रास्ते बंद नहीं किए हैं।
अब रविवार की बैठक को सबसे निर्णायक दौर माना जा रहा है।

अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी

इधर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले आठ दिनों से रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। रविवार तड़के करीब 3 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
अनशन स्थल पर ही डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें सलाइन चढ़ाया जा रहा है। उनकी बिगड़ती तबीयत ने सरकार पर आंदोलन को जल्द खत्म कराने का दबाव और बढ़ा दिया है।

अब आर-पार या समाधान?

छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च और झारखंड बंद का ऐलान कर रखा है। ऐसे में रविवार दोपहर 12 बजे होने वाली बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।

एक तरफ छात्रों की मांगें हैं—परीक्षा रद्द करो, निष्पक्ष जांच कराओ और JPSC-JSSC में सुधार करो। दूसरी तरफ सरकार के सामने आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म कराने की चुनौती है।
अब सबकी नजर स्टेट गेस्ट हाउस की उस बैठक पर है, जहां तय हो सकता है कि झारखंड का छात्र आंदोलन खत्म होगा या 10 अगस्त को सड़कों पर सरकार और छात्रों के बीच टकराव और तेज होगा।

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