Jharkhand : जामताड़ा में धार्मिक टिप्पणी को लेकर भारी बवाल: घर में तोड़फोड़, पुलिस वाहन पर पथराव के बाद इलाके में IRB बल तैनात

Bindash Bol

Jharkhand : झारखंड के जामताड़ा जिला अंतर्गत करमाटांड़ थाना क्षेत्र के थानारडीह गांव में धार्मिक टिप्पणी को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया। आक्रोशित भीड़ ने एक व्यक्ति के घर को घेरकर जमकर तोड़फोड़ की और बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला कर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।

विवाद की जड़: वायरल वीडियो और जवाबी टिप्पणी

​विवाद की शुरुआत 21 अगस्त को करमाटांड़ थाना क्षेत्र के कुरुवा साप्ताहिक हाट से हुई, जहाँ अफरोज आलम नामक व्यक्ति का देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता हुआ एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हिंदू संगठनों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अफरोज को तुरंत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
​इसके बाद थानारडीह निवासी भूदेव महतो पर वायरल वीडियो के जवाब में दूसरे समुदाय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा। शनिवार देर रात इस बात को लेकर एक पक्ष के लोग लामबंद हो गए और भूदेव महतो के घर को घेर लिया।

घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट का आरोप

​पीड़ित परिवार का आरोप है कि उपद्रवियों ने हमले से पहले इलाके की बिजली काट दी। इसके बाद 8 से 10 की संख्या में लोग हथियार लेकर घर में दाखिल हुए, जमकर तोड़फोड़ की और नकदी व जेवरात लूट लिए। विरोध करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पुलिस पर हमला और अतिरिक्त बल की तैनाती

​घटना की सूचना मिलते ही करमाटांड़ थाना प्रभारी अलखनाथ चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सूझबूझ दिखाते हुए भूदेव महतो को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ कर दी।
​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देवघर और दुमका से अतिरिक्त आईआरबी (IRB) बल को बुलाया गया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और हालात पर काबू पाया।

शांति समिति की बैठक, उपद्रवियों पर कार्रवाई की चेतावनी

​घटना के बाद करमाटांड़ थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों समुदायों के प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर घटना की निंदा की।
​एसडीपीओ वसीम रजा ने स्पष्ट किया कि धार्मिक टिप्पणी और हिंसा से जुड़े दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस टीम के साथ अभद्रता और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को चिन्हित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार फ्लैग मार्च और निगरानी जारी है।

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