Clean Air Survey 2026 : ‘मुस्कुराइए, अब खुलकर सांस भी लीजिए’: इंदौर को पछाड़कर देश की ‘एयर कैपिटल’ बना लखनऊ

Bindash Bol

Clean Air Survey 2026 : नवाबों के शहर लखनऊ की आबोहवा अब सांस लेने के लिहाज से देश में सबसे बेहतर हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने पहला स्थान हासिल कर बड़ा उलटफेर किया है। स्वच्छता के मामले में हमेशा अव्वल रहने वाले इंदौर को पछाड़कर लखनऊ ने यह ताज अपने नाम किया।

रैंकिंग का गणित: कौन कहाँ खड़ा है?

* ​पहला स्थान: लखनऊ (उत्तर प्रदेश)

* ​दूसरा स्थान: इंदौर (मध्य प्रदेश)

* ​तीसरा स्थान: जबलपुर (मध्य प्रदेश)

* ​आठवां स्थान: नोएडा (उत्तर प्रदेश)

15वें पायदान से सीधे शिखर तक का सफर

​पिछले सर्वेक्षण में लखनऊ 15वें नंबर पर था, लेकिन जमीनी स्तर पर हुई ठोस प्लानिंग और निगरानी ने महज एक साल में तस्वीर बदल दी। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई मोर्चों पर एक साथ काम किया…

* ​सड़कों से उड़ती धूल पर लगाम: एंटी-स्मॉग गन, मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनें और नियमित पानी का छिड़काव करके हवा में तैरते धूलकणों (PM 10 और PM 2.5) को कम किया गया।

* ​सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट: घर-घर से कचरा उठाने और खुले में कूड़ा जलाने पर सख्त पाबंदी लगाई गई।

* ​इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट: सार्वजनिक परिवहन में ई-बसों और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया गया।

* ​ग्रीन कवर का विस्तार: शहर के खाली पैच और डिवाइडरों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर ग्रीन बफर जोन तैयार किए गए।

पेपर मिल कॉलोनी बनी देश का मॉडल वार्ड

​शहर की पेपर मिल कॉलोनी वार्ड ने साफ हवा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया है। 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में यह वार्ड पूरे देश में अव्वल रहा। बेहतर पर्यावरण प्रबंधन के लिए मंत्रालय ने इस वार्ड को ₹50 लाख का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

​एनसीआर के प्रमुख शहर नोएडा ने भी इस दौड़ में 8वां स्थान हासिल किया है, जहां निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और औद्योगिक उत्सर्जन पर लगातार सख्ती बरती गई थी।

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