BRICS Summit 2026 : नई दिल्ली में सजा ब्रिक्स का महामंच: भारत मंडपम में जुटी दुनिया, एस जयशंकर बोले- ‘एक मेज पर होगी पूरी दुनिया’

Bindash Bol

BRICS Summit 2026 :राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम इस समय वैश्विक कूटनीति और अर्थशास्त्र का केंद्र बन चुका है। मौका है 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) का, जिसके औपचारिक आगाज से ठीक पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने एक संदेश से वैश्विक पटल पर भारत के रुख को साफ कर दिया है।

दिल्ली के इस भव्य आयोजन स्थल से तस्वीरें साझा करते हुए विदेश मंत्री ने एक्स पर लिखा, ‘यह दिल्ली है। यह खास पल है।’ उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि कैसे यह मंच मौजूदा वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, जोखिमों और अवसरों से निपटने में मददगार साबित होगा। ब्रिक्स बिजनेस फोरम के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक मजबूती, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी (टिकाऊपन) आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

https://x.com/DrSJaishankar/status/2098297243778634082

साझेदारी और मजबूत रिश्तों की नई इबारत

एस जयशंकर के मुताबिक, इस फोरम का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों की खूबियों का आपसी लाभ उठाना, सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करना और व्यावहारिक कमर्शियल रिश्तों को नई रफ्तार देना है। ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे होने के जश्न के बीच हो रहा यह सम्मेलन भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि भारत बतौर चेयरमैन इस प्रतिष्ठित समिट की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले भारत ने 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता की है।

वैश्विक नेताओं का आगमन शुरू

12 और 13 सितंबर को चलने वाले इस महासम्मेलन के लिए मेहमानों के आने का सिलसिला तेज हो गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं, जहां हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत दुनिया भर के दिग्गज नेता इस महाजुटान का हिस्सा बनने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक खास वीडियो शेयर कर देश की तैयारियों और मेहमाननवाजी की झलक साझा की है।

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ब्रिक्स का विस्तृत परिवार

इस बार का ब्रिक्स सम्मेलन अपने बड़े स्वरूप में नजर आ रहा है, जिसमें कई नए देश शामिल हो चुके हैं….

​पूर्ण सदस्य देश: भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)।

​पार्टनर देश: बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम।

​ग्रीन एनर्जी, तकनीकी नवाचार, वैश्विक व्यापार और आपसी सहयोग के नए समीकरणों के साथ यह शिखर सम्मेलन इस बात की तस्दीक करता है कि बदलती दुनिया में ग्लोबल साउथ की आवाज अब और ज्यादा मुखर और एकजुट हो रही है।

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