SIR पर INDIA : आज (30 सितंबर) विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक की एक बेहद अहम बैठक बुलाई गई है, लेकिन यह बैठक गठबंधन के भीतर बढ़ती दूरियों और मतभेदों को लेकर चर्चा में है। साल 2023 में पटना में हुई पहली ऐतिहासिक बैठक में जो दल एक मंच पर नजर आए थे, उनमें से कई प्रमुख पार्टियां इस बार नदारद हैं।
बैठक से कौन-कौन दल हैं बाहर?
* आम आदमी पार्टी (AAP): सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस द्वारा आप को ‘बीजेपी की बी-टीम’ बताए जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने खुद को गठबंधन से अलग कर लिया है। इसी वजह से उन्हें इस बैठक का न्योता भी नहीं दिया गया है।
* डीएमके (DMK): डीएमके ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन के अनुसार, तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरणों और कांग्रेस के रवैये को लेकर मतभेद हैं, हालांकि पार्टी वैचारिक रूप से बीजेपी का विरोध जारी रखेगी।
* समाजवादी पार्टी (SP): राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन और राज्यसभा चुनाव नामांकन के चलते बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह सांसद हरेंद्र मलिक और मौलाना मुहिबिल्लाह नदवी सपा का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अंदरखाने की वजह: सीटों का बंटवारा और दबाव की राजनीति
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सपा और कांग्रेस के बीच दूरी की एक बड़ी वजह आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में सीटों का बंटवारा है।
* कांग्रेस का रुख: कांग्रेस जल्द से जल्द सीटों के समझौते को अंतिम रूप देना चाहती है और सम्मानजनक समझौता न होने पर अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं।
* सपा का रुख: दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव की रणनीति के आगे नहीं झुकेगी और सीटों के बंटवारे को लेकर कड़ा रुख अपनाएगी।
बैठक में कौन-कौन लेगा हिस्सा?
मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग और अन्य मुद्दों पर चर्चा करना है। इस बैठक में निम्नलिखित नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है…
* कांग्रेस: मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी
* तृणमूल कांग्रेस (TMC): ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी
* अन्य प्रमुख चेहरे: आरजेडी से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला और सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी।
* विशेष उपस्थिति: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे।
शुरुआती दौर में एकजुटता का संदेश देने वाला ‘इंडिया’ ब्लॉक फिलहाल आपसी खींचतान, सीट शेयरिंग के पेंच और वैचारिक अंतर्विरोधों के दौर से गुजर रहा है, जिसका असर आज की इस अहम बैठक पर साफ दिखाई दे रहा है।
