* बडगाम में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में लश्कर कमांडर मूसा ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी
* काल के गाल में समाया खूंखार आतंकी मूसा: बडगाम में सुरक्षाबलों ने लश्कर का किया सुपड़ा साफ!
Jammu kashmir : जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ एक और बड़ा और निर्णायक पराक्रम दिखाया है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का खूंखार कमांडर और सुरक्षाबलों की आंख की किरकिरी बना मूसा आखिरकार ढेर कर दिया गया है। यूसमर्ग के ऊंचे और दुर्गम कोराग इलाके में हुई इस भीषण मुठभेड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश के दुश्मनों के लिए भारतीय सेना और सुरक्षाबलों की गिरफ्त से बच निकलना नामुमकिन है।
खुफिया इनपुट पर सटीक प्रहार
भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) के संयुक्त दलों ने अचूक खुफिया जानकारी के आधार पर यूसमर्ग के कोराग इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। जैसे ही सुरक्षाबलों ने छिपे हुए आतंकियों को आत्मसमर्पण करने की चुनौती दी, बौखलाए आतंकवादियों ने जवानों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
बिना एक पल गंवाए, हमारे जांबाज सुरक्षाकर्मियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों तरफ से हुई भीषण और ताबड़तोड़ गोलीबारी में लश्कर का खूंखार कमांडर मूसा ढेर कर दिया गया।

लश्कर के लिए सबसे बड़ा झटका
सेना की प्रतिष्ठित चिनार कॉर्प्स ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अभियान अभी भी जारी है। मारे गए आतंकी मूसा के खात्मे को घाटी में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क के लिए सबसे बड़ा और गहरा झटका माना जा रहा है। मूसा लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था और सुरक्षाबलों की हिटलिस्ट में सबसे ऊपर था।
खास बात यह है कि इसी महीने की शुरुआत में इसी यूसमर्ग इलाके में मूसा के करीबी आतंकी यासिर को भी सुरक्षाबलों ने जहन्नुम पहुंचा दिया था। एक के बाद एक इन दोनों आंतकियों के खात्मे से घाटी में लश्कर की रीढ़ पूरी तरह टूट चुकी है।
इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी
मूसा के मारे जाने के बाद भी सुरक्षाबलों ने अपनी चौकसी और आक्रामकता कम नहीं की है। गुरवेतकलां गांव समेत आसपास के पूरे इलाके की सख्त घेराबंदी कर दी गई है। सेना और सुरक्षाबल चप्पे-चप्पे को खंगाल रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य छिपा हुआ आतंकी बच न सके।
देश की रक्षा में डटे हमारे वीर जवानों ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वालों का अंजाम सिर्फ और सिर्फ मौत है।
