Pakistan : पाकिस्तान का ‘अनोखा जुगाड़’: ड्रोन हमलों से निपटने के लिए मछली के जालों का सहारा, उड़ रहा है मजाक

Bindash Bol

Pakistan : पाकिस्तान की सेना और पुलिस इस समय दोतरफा घिर चुकी है। एक तरफ बलूच लिबरेशन आर्मी (BLF) ने नाक में दम कर रखा है, तो दूसरी तरफ तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके ताबड़तोड़ वार कर रहे हैं। इन सबके बीच, पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की सेना ने अपनी सुरक्षा के लिए जो तरीका निकाला है, उसने पूरी दुनिया में उसका मजाक बनवा दिया है।

1. सुरक्षा के नाम पर ‘मछली पकड़ने का जाल’

​अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के संवेदनशील इलाकों में पुलिस चौकियों और सुरक्षा ठिकानों की छतों पर मछली पकड़ने वाले जाल (Fishing Nets) टांगे जा रहे हैं। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों का मानना है कि हवा में उड़ने वाले ड्रोन इन जालों में उलझकर नाकाम हो जाएंगे और इससे हमलों से होने वाला नुकसान 40 से 50% तक कम हो जाएगा।

2. पाक सेना और पुलिस की अजीब दलील

​इस नायाब और बेहद सस्ते डिफेंस सिस्टम पर जब सवाल उठे, तो सुरक्षाबलों ने अजीबोगरीब तर्क दिया। उनका कहना है कि दुश्मनों ने अब जंग का तरीका बदल दिया है। वे पारंपरिक गोलियों और मोर्टार के साथ-साथ अब आधुनिक ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे निपटने के लिए यह ‘सस्ता जुगाड़’ जरूरी हो गया है।

3. बलूच आर्मी की महिला ब्रिगेड का कहर

​पाकिस्तान के लिए यह संकट सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि मैदान पर भी भारी पड़ रहा है। हाल ही में बलूचिस्तान के वाशुक जिले के मशकेल इलाके में फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के कैंप पर भीषण हमला हुआ।

​इस हमले में 18 सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई घायल हुए।
​बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने पुष्टि की कि इस बड़े ऑपरेशन में बलूच सेना की महिला विंग ने मोर्चा संभाला था।

4. लगातार बढ़ते हमले और बदतर होती स्थिति

​खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के इलाकों में सुरक्षाबलों पर लगातार हमले हो रहे हैं। अकेले इस साल खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस चौकियों पर 16 से ज्यादा बड़े हमले किए जा चुके हैं। आधुनिक हथियारों और सामरिक रणनीतियों से लैस होने का दावा करने वाली पाकिस्तानी सेना के पास अब ड्रोन हमलों से बचने के लिए केवल मछली के जाल ही विकल्प के रूप में बचे हैं, जो सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक चर्चा का विषय बने हुए हैं।

एक तरफ जहां उग्रवादी समूहों के घातक हमले पाकिस्तानी सेना की नींव हिला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ड्रोन रोकने के लिए मछली के जालों का उपयोग पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों की पोल खोलता नजर आ रहा है।

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