Congress Protest : दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी उग्र बना रहा। जंतर-मंतर मार्च के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं की दिल्ली पुलिस से तीखी झड़प हुई। करीब 6 घंटे तक सड़कों पर हंगामा चला, जिसके बाद पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया।
प्रमुख घटनाक्रम: कल क्या-क्या हुआ?
* लंच के बाद मार्च: विरोध प्रदर्शन से पहले मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘सागर रत्न’ रेस्टोरेंट में ‘INDIA’ गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक और लंच किया। इसके बाद सभी नेता निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) की ओर बढ़े।
* सड़क पर लेटीं प्रियंका: जंतर-मंतर जाने से रोके जाने पर प्रियंका गांधी संविधान की प्रति लेकर सड़क पर लेट गईं, जिसके बाद अन्य नेता भी उनके साथ धरने पर बैठ गए।
* पुलिस से भिड़े राहुल: राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका को प्रोटेक्ट किया और बैरिकेडिंग पर अड़े रहे। पुलिस के साथ उनकी तीखी धक्का-मुक्की और बहस भी हुई।
* हिरासत और हंगामा: पुलिस ने राहुल और प्रियंका समेत सभी बड़े नेताओं को हिरासत में लिया। इस दौरान गुस्से में कार्यकर्ताओं ने बस के पहिए की हवा निकाल दी और शीशे तोड़ दिए, जिससे पुलिस को दूसरी बस बुलानी पड़ी।
* राहुल गांधी का कड़ा संदेश: रिहाई के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा— “वे हमारा मार्च रोक सकते हैं, लेकिन लोगों का संकल्प नहीं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और पूरी व्यवस्था को जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
आगे का क्या है प्लान?
* आज देश भर में ‘काला दिवस’ (8 अक्टूबर): प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के विरोध में कांग्रेस पार्टी आज पूरे देश में ‘काला दिवस’ मना रही है। एआईसीसी (AICC) ने सभी राज्य, जिला और ब्लॉक कमेटियों को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं।
* दिल्ली में भी विरोध जारी: विपक्षी सांसद आज भी दिल्ली में डटे रहकर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भी आज राजधानी पहुंचने का कार्यक्रम है।
* 10 अक्टूबर को मेगा प्रोटेस्ट: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। 10 अक्टूबर को दिल्ली में एक और बहुत बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी है, जिसमें ‘चलो जंतर-मंतर’ अभियान के तहत देश भर से INDIA गठबंधन के कार्यकर्ताओं और नेताओं के जुटने की उम्मीद है।
