- सिर्फ 3.3 मिनट ही बोल पाए ट्रंप, पुतिन के सामने US राष्ट्रपति की नहीं चली!
Alaska summit 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अलास्का में यूक्रेन युद्ध पर तीन घंटे से ज़्यादा समय तक बातचीत की। इसके बाद हुए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने इस बातचीत को “बेहद फलदायी” बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि दोनों के बीच “कोई नतीजा नहीं निकला” – यानी युद्धविराम पर कोई समझौता नहीं हुआ। पुतिन ने इस बैठक को एक समाधान की शुरुआत बताया और अमेरिकी राष्ट्रपति को यह सुझाव देकर चौंका दिया कि उनकी अगली बैठक मॉस्को में होनी चाहिए। ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से बात करेंगे।
ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि पुतिन यूक्रेन पर एक समझौते पर सहमत हो सकते हैं, जबकि क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि वार्ता के दौरान कुछ शर्तों पर सहमति बन सकती है। ट्रंप ने रूस को चेतावनी दी है कि अगर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी आगामी बैठक के दौरान युद्ध समाप्त करने पर सहमत होने से इनकार करते हैं, तो “बहुत गंभीर परिणाम” होंगे, जिसमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को विशेष रूप से शामिल नहीं किया गया था। अगर वार्ता सफल साबित होती है, तो ट्रंप ने कहा कि वह ज़ेलेंस्की के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक की व्यवस्था करने पर विचार करेंगे, जिसमें संभवतः यूरोपीय नेता शामिल होंगे- जो, उन्होंने कहा, “पुतिन से बहुत सावधान रहते हैं।” फॉक्स न्यूज रेडियो पर 14 अगस्त को दिए एक साक्षात्कार में , ट्रंप ने वार्ता की तुलना “शतरंज के खेल” से की थी।
शिखर सम्मेलन तय समय से पहले ही समाप्त हो गया। कुछ सहयोगियों के साथ अपनी पहली बैठक और भोजनावकाश के बाद, ट्रंप और पुतिन के एक बड़े समूह के साथ फिर से मिलने की उम्मीद थी। ऐसा प्रतीत होता है कि दूसरा सत्र नहीं हुआ। रूसी अधिकारियों ने कहा था कि उन्हें शिखर सम्मेलन के छह या सात घंटे चलने की उम्मीद है।
सिर्फ 3.3 मिनट ही बोल पाए ट्रंप, पुतिन के सामने US राष्ट्रपति की नहीं चली!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में मुलाकात हुई। इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई थीं। हालांकि मुलाकात में कुछ भी खास नहीं हो पाया ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों नेताओं के बीच किसी भी डील पर सहमति नहीं बन पाई है। इसके अलावा इस मुलाकात को लेकर अब कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। ट्रंप का प्रेस कांफ्रेंस में कम बोलना लोगों के लिए खटक रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप कई और देशों के नेताओं से जब मिलते हैं, तो वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्यादातर सवालों के जवाब देते हैं। इसके साथ ही सामने वाले के बजाय खुद ही ज्यादा समय बोलने के लिए लेते हैं। हालांकि पुतिन के सामने वे केवल 3.3 मिनट ही बोल पाए. यही कारण है कि सवाल उठ रहे हैं।
पुतिन के आगे नहीं चली ट्रंप की मर्जी?
व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच 15 अगस्त को अलास्का में बैठक हुई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ एक समझौते पर सहमति जताई है। हालांकि दोनों नेताओं में से किसी ने भी इस समझौते के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।
अलास्का में ये शिखर समिट लगभग तीन घंटे तक चला, हालांकि समिट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल 12 मिनट तक चली। सबसे हैरानी की बात ये है कि इस 12 मिनट में भी ट्रंप के 3.3 मिनट ही बोल पाए। ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया है। यही कारण है कि सवाल खड़े हो रहे हैं कि ट्रंप पुतिन के आगे अपनी मनमर्जी चलाने में कामयाब नहीं हो पाए?
