Ayodhya : बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत के संकेत, आरोपी ने 3 महीने में खड़ा किया दो मंजिला मकान

Bindash Bol

Ayodhya : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस कथित घोटाले की नई परतें खुलती जा रही हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो रहा है कि करोड़ों रुपये की दानराशि में हेराफेरी केवल गणनाकर्मियों के बूते संभव नहीं थी। पुलिस और एसआईटी की जांच में बैंक के दो कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, दानराशि की गणना के दौरान बैंक की ओर से संविदाकर्मी तैनात किए गए थे, जबकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी बैंककर्मी रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप के पास थी। दोनों कर्मचारी गणना से लेकर रकम बैंक में जमा होने तक हर चरण में मौजूद रहते थे। पुलिस का दावा है कि जांच में उनकी संलिप्तता के अहम साक्ष्य मिले हैं और उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जा सकती है।

कैमरे के सामने बनाते थे घेरा, फिर निकाल लेते थे नकदी

जांच में सामने आया है कि आरोपी गणना के दौरान कैमरों की नजर से बचने के लिए अपने साथियों का घेरा बना लेते थे और उसी दौरान नकदी निकाल ली जाती थी। यदि मौके पर रकम निकालना संभव नहीं होता था, तो गणना रजिस्टर में चार से पांच लाख रुपये कम दर्ज किए जाते थे। बाद में बैंक में रकम जमा करते समय उतनी राशि कथित रूप से निकाल ली जाती थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया में बैंक कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

वरिष्ठ बैंक अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारियों की जानकारी या सहयोग के बिना इतने लंबे समय तक संगठित तरीके से दानराशि में हेरफेर संभव नहीं था। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

SBI शाखा में पुलिस की छापेमारी

मामले की जांच के तहत अयोध्या पुलिस ने एसबीआई शाखा में छापेमारी कर कर्मचारियों से पूछताछ की। क्षेत्राधिकारी अयोध्या के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने बैंककर्मी गगनदीप और रत्नेश को नोटिस भी जारी किया। राम मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त नकदी की गणना और उसे बैंक में जमा कराने की जिम्मेदारी एसबीआई के पास थी।

आरोपी की संपत्ति भी जांच के घेरे में

जांच के दौरान आरोपी लवकुश मिश्रा से जुड़ी एक नई जानकारी भी सामने आई है। जांचकर्ता अयोध्या के शहादतगंज इलाके में बने उसके नए दो मंजिला मकान की जांच कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह मकान महज तीन से चार महीनों के भीतर तेजी से बनकर तैयार हुआ। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस निर्माण में इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था और उसका कथित चढ़ावा चोरी मामले से कोई संबंध है या नहीं।

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