NIA ने संभाली कमान, चुनावी माहौल गरमाया
Bengal Election: इन दिनों चुनाव के माहौल से पूरा बंगाल गरमाया हुआ है.. इसी बीच पश्चिम बंगाल के भंगार इलाके में एक खाली घर में भारी मात्रा में बमों के मिलने की घटना ने इस्लाके में खलबली मचा दी है. यह घटना तृणमूल कांग्रेस (TMC ) के एक कार्यकर्ता के घर से जुड़ी हुई बताई जा रही है. पुलिस ने इलाके को सुरक्षित करने और मामले की जांच के लिए त्वरित कदम उठाए है. इसके साथ ही चुनाव और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA ) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपनी जांच तेज कर दी है.
विस्फोटक बरामद होने से फैली दहशत
उत्तर काशीपुर पुलिस थाने की एक बड़ी टीम ने भांगर के शानपुकुर इलाके में पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया. स्थानीय आईएसएफ (इंडियन सेक्युलर फ्रंट) के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह विस्फोटक सामग्री स्थानीय पंचायत सदस्य के निर्देश पर रखी गई थी. इसके बाद उन्होंने पुलिस से मांग की कि इस पंचायत सदस्य के घर की भी गहन तलाशी ली जाए. लेकिन TMC ने इन आरोपों का जोरदार खंडन किया है. पार्टी का कहना है कि आईएसएफ कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर TMC को बदनाम करने के लिए विस्फोटक सामग्री को इस खाली घर में रखा था. उनका आरोप था कि आईएसएफ ने TMC के खिलाफ साजिश रचने के तहत बमों को रखा.
चुनाव आयोग का सख्त रुख
घटना के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है और मामले की जांच के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. आयोग ने कोलकाता पुलिस आयुक्त को आदेश दिया कि विस्फोटकों से संबंधित मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए. आयोग ने सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर उनके इलाके में विस्फोटक सामग्री मिलती है या किसी तरह की धमकी देने वाली रणनीति का इस्तेमाल किया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, चुनाव आयोग ने एनआईए को आदेश दिया कि वह विस्फोटक बरामदगी की पूरी जांच करें और यह पता करें कि इसके पीछे किसका हाथ है.
एनआईए ने दर्ज किया मामला
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल के भांगर डिवीजन स्थित रफीकुल इस्लाम के घर से बमों का जखीरा मिलने के बाद अपनी जांच शुरू कर दी है. रफीकुल इस्लाम को TMC कार्यकर्ता बताया जा रहा है. गृह मंत्रालय के आदेश के बाद, NIA ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और त्वरित कार्रवाई की.
चुनाव से पहले विस्फोटक मिलने की गंभीरता
यह कार्रवाई राज्य में होने वाले दूसरे चरण के मतदान से कुछ दिन पहले की गई है, जिससे इस घटना की गंभीरता और बढ़ जाती है, चुनाव आयोग ने बम बनाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है और कहा है कि किसी भी दोषी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. इसका उद्देश्य चुनावों से पहले ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है, जो मतदाताओं में डर पैदा कर सकती है.
चुनाव आयोग की तरफ से विशेष दिशा-निर्देश
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के सीनियर पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे संवेदनशील इलाकों में निगरानी और एरिया डोमिनेशन बढ़ा दें. आयोग का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से मतदाताओं को डरने नहीं देना चाहिए और उन्हें बिना किसी डर के मतदान करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए. बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को संपन्न हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड 93.19% मतदान हुआ.
दूसरे चरण के चुनाव पर असर
विस्फोटकों की बरामदगी के बावजूद प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि इससे मतदाताओं का उत्साह प्रभावित न हो. 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पूरी तैयारी में जुटे हैं.उनका उद्देश्य यह है कि चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्वक और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो.