Hormuz Strait : होर्मुज खुलते ही बदली दुनिया की चाल: तेल सस्ता, शेयर बाजार में रॉकेट मूड, भारत को एक साथ 3 बड़ी आर्थिक राहत

Bindash Bol

Hormuz Strait : पिछले डेढ़ महीने से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर युद्ध का साया मंडरा रहा था। 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान-इजराइल तनाव और अमेरिका की एंट्री ने ग्लोबल सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। इसकी सबसे बड़ी वजह बना था दुनिया का सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग — होर्मुज जलडमरूमध्य — जिसका बंद होना वैश्विक बाजारों के लिए झटका साबित हुआ।
लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पूरी तरह खोलने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले का असर तुरंत वैश्विक बाजारों में दिखा और आर्थिक अनिश्चितता की जगह राहत का माहौल बन गया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए ईरान को धन्यवाद दिया।
इस एक फैसले ने भारत समेत पूरी दुनिया के आर्थिक समीकरण बदल दिए हैं और भारत को तीन बड़े मोर्चों पर जबरदस्त फायदा मिलता दिख रहा है।

1. कच्चे तेल के दाम धड़ाम — भारत को बड़ी राहत


भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है और खाड़ी देशों से आने वाला अधिकांश तेल इसी रास्ते से गुजरता है। जैसे ही होर्मुज खुला, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में भारी गिरावट आई।
क्रूड ऑयल करीब 12% टूटकर 83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी गिरकर 87 डॉलर के आसपास आ गया।
तेल सस्ता होने से भारत का आयात बिल घटेगा, महंगाई पर दबाव कम होगा और करेंट अकाउंट डेफिसिट में सुधार देखने को मिल सकता है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी सकारात्मक खबर मानी जा रही है।

2. शेयर बाजार में ‘रॉकेट’ संकेत


होर्मुज खुलने से सप्लाई चेन की चिंता लगभग खत्म हो गई है, जिसका असर निवेशकों के भरोसे पर साफ दिख रहा है। भारतीय बाजार बंद होने के बाद आई इस खबर ने गिफ्ट निफ्टी को 400 अंकों से ज्यादा उछाल दिया।
संकेत साफ हैं — सोमवार को बाजार शानदार तेजी के साथ खुल सकते हैं।
खासतौर पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां, एविएशन, पेंट और टायर सेक्टर में जोरदार खरीदारी की उम्मीद है। जियो-पॉलिटिकल तनाव कम होने से विदेशी निवेशकों का रुख भी भारत की ओर मजबूत हो सकता है।

3. सोना-चांदी में नई चमक


मिडिल-ईस्ट तनाव के दौरान निवेशकों में डर का माहौल था, जिससे कीमती धातुओं में निवेश सुस्त पड़ा हुआ था। लेकिन हालात सामान्य होने के संकेत मिलते ही निवेशकों का भरोसा लौट आया है।
MCX पर चांदी करीब 5% उछलकर 2.61 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जबकि सोने में भी 1.5% की तेजी दर्ज हुई और 10 ग्राम का भाव 1.55 लाख रुपये तक पहुंच गया।

कुल मिलाकर
होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना सिर्फ एक कूटनीतिक फैसला नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ है। तेल सस्ता, बाजार मजबूत और निवेश माहौल बेहतर — इन तीनों मोर्चों पर भारत को एक साथ राहत मिलती दिखाई दे रही है।
यानी, युद्ध की आशंका से जकड़ी दुनिया अब आर्थिक राहत की ओर बढ़ती नजर आ रही है।

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