ICSE Results 2026 : 30 अप्रैल 2026 की तारीख झारखंड के शैक्षणिक इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) द्वारा घोषित परिणामों ने यह साफ कर दिया है कि प्रतिभा अब केवल महानगरों की जागीर नहीं रही। जमशेदपुर की शांभवी तिवारी ने 100% अंक हासिल कर न केवल नेशनल टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि ‘परफेक्ट स्कोर’ महज एक कल्पना नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत का परिणाम है।
1. शांभवी: समर्पण और अनुशासन की नई मिसाल
जमशेदपुर के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी तिवारी आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। विज्ञान वर्ग जैसे कठिन विषयों में शत-प्रतिशत अंक लाना उनकी असाधारण मेधा को दर्शाता है।
प्रेरणा का स्रोत: उनकी माता एक केमिस्ट्री शिक्षिका हैं और पिता आकाशवाणी से जुड़े हैं। घर में शिक्षाप्रद माहौल और अनुशासन ने उनकी इस राह को आसान बनाया।
भविष्य का लक्ष्य: शांभवी की नजरें अब NEET पर टिकी हैं। वे डॉक्टर बनकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना चाहती हैं।
2. कोल्हान बना ‘टॉपर फैक्ट्री’
इस वर्ष के नतीजों में कोल्हान प्रमंडल (जमशेदपुर और चाईबासा) ने अपनी बौद्धिक क्षमता का जबरदस्त प्रदर्शन किया है।
ICSE (10वीं) के चमकीले सितारे…

3. राजधानी रांची का भी रहा शानदार दबदबा
कोल्हान के साथ-साथ राजधानी रांची के शिक्षण संस्थानों ने भी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। यहाँ की बेटियों ने टॉपर्स लिस्ट में अपनी जगह पक्की की।
सेंट थॉमस स्कूल: अंशिका गुप्ता ने 99% अंक के साथ रांची सिटी टॉपर का खिताब अपने नाम किया।
लोरेटो कॉन्वेंट: यहाँ प्रभलीन कौर (98.8%) ने 10वीं में बाजी मारी, जबकि शामिया खान और एलिजा रहमान ने 12वीं में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
अन्य प्रमुख प्रदर्शन: बिशप स्कॉट की इकरा फातिमा (98.6%) और मेटास एड्वेंटिस्ट स्कूल (97%) ने भी उत्कृष्ट सफलता दर्ज की।
“यह उपलब्धि मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है। श्रेय मेरे माता-पिता और उन शिक्षकों को जाता है जिन्होंने हर मोड़ पर मेरा मार्गदर्शन किया।”
— शांभवी तिवारी, नेशनल टॉपर
ICSE-ISC 2026 के परिणामों ने झारखंड को राष्ट्रीय पटल पर एक ‘एजुकेशन हब’ के रूप में स्थापित कर दिया है। कोल्हान से लेकर रांची तक फैली यह सफलता की गूंज आने वाली पीढ़ी के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी।