Jharkhand : लालू के करीबी पर शिकंजा! बिना लाइसेंस बन रही थी ब्रांडेड शराब, लखनऊ से दिल्ली तक सप्लाई का खेल बेनकाब

Bindash Bol

* राँची में शराब फैक्ट्री पर छापा, RJD नेता सुबोध राय समेत 3 गिरफ्तार

* मौके से 303 पेटी बरामद, दिल्ली-UP में बेचने की थी तैयारी

Jharkhand : झारखंड में अवैध शराब के बड़े नेटवर्क पर हुई कार्रवाई ने बिहार की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। राजधानी रांची के ओरमांझी स्थित तरंगनी बॉटलिंग प्लांट पर छापेमारी के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के करीबी और पूर्व RJD MLC सुबोध राय को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके साथ फैक्ट्री मैनेजर और एक ट्रक ड्राइवर को भी दबोचा गया। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

छापेमारी में खुला बड़ा खेल

पुलिस और उत्पाद विभाग ने 30 जून को गुप्त सूचना के आधार पर फैक्ट्री पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि प्लांट के पास केवल दो ब्रांड की शराब बनाने का लाइसेंस था, लेकिन अंदर कई दूसरे ब्रांड की शराब तैयार की जा रही थी। यानी लाइसेंस की आड़ में कथित तौर पर अवैध शराब का पूरा कारोबार चल रहा था।

दिल्ली-यूपी तक सप्लाई, गोदाम से मिली 70 पेटियां

छापेमारी के दौरान गोदाम से 70 पेटियां शराब बरामद हुईं, जिन पर “Sale Only in UP” और “Sale Only in Delhi” लिखा था। शुरुआती जांच में आरोप है कि फैक्ट्री से नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर शराब का उत्पादन और दूसरे राज्यों में सप्लाई की जा रही थी।

सुबोध राय कौन हैं?

सुबोध राय बिहार की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे RJD से MLC रह चुके हैं और उससे पहले JDU के टिकट पर सुल्तानगंज से विधायक भी रहे। उन्होंने वैशाली लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। राजनीतिक गलियारों में उन्हें लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का करीबी माना जाता है।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

यह पहली बार नहीं है जब इस प्लांट पर कार्रवाई हुई हो। साल 2023 में भी इसी फैक्ट्री पर छापा पड़ा था, जहां कई अनियमितताएं मिलने के बाद प्लांट को सील किया गया था। अब एक बार फिर कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अवैध उत्पादन का यह खेल कब से चल रहा था और इसकी सप्लाई किन-किन राज्यों तक पहुंच रही थी।

अब बिहार कनेक्शन की जांच

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस नेटवर्क के जरिए शराबबंदी वाले बिहार में भी अवैध शराब पहुंचाई जा रही थी? जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इससे जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं। यदि बिहार कनेक्शन सामने आता है, तो यह मामला और भी बड़ा राजनीतिक और कानूनी रूप ले सकता है।

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