Jharkhand Protest : झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा अब बेकाबू हो चुका है। राजधानी रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस वक्त महासंग्राम का केंद्र बन चुका है, जहां छात्र सड़कों पर उतरकर सरकार की ईंट से ईंट बजाने के मूड में हैं। लेकिन इस बीच, दिल्ली में आंदोलन का चेहरा बनीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की कायराना हरकत ने इस पूरे मामले में घी डालने का काम कर दिया है।
स्याही फेंके जाने के तुरंत बाद नेहा बोरा ने वीडियो जारी कर सत्ता और संघ (RSS) के खिलाफ जोरदार हमला बोला। सीधे निशाने पर लेते हुए नेहा ने ललकारा, “आरएसएस के गुंडों को इतना भी नहीं पता कि स्याही लिखने के लिए होती है, फेंकने के लिए नहीं। अगर सोचते हो कि इस गीदड़ भभकी से मुझे या अपने हक के लिए लड़ रही महिलाओं को डरा दोगे, तो ये तुम्हारी सबसे बड़ी भूल है। तानाशाह डरपोक होता है, पर हमारे संघर्ष और हौसलों की कोई सीमा नहीं है!”
प्रकाश राज की एंट्री से और भड़की आग
हमेशा मोदी सरकार के खिलाफ मुखर रहने वाले दक्षिण भारतीय अभिनेता प्रकाश राज भी इस जंग में कूद पड़े। उन्होंने नेहा बोरा का खुला समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “आप और मज़बूत बनें, प्रिय नेहा।”
बस फिर क्या था, प्रकाश राज का यह ट्वीट आते ही सोशल मीडिया का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और ट्रोलर्स ने एक्टर को घेरकर धोना शुरू कर दिया।
* यूजर की लताड़: एक यूजर ने तीखा प्रहार करते हुए लिखा, “यह बकवास ड्रामा बंद करो! भारत-विरोधी लोगों पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता, प्रकाश राज जैसे बेवकूफ ही तुम्हारा समर्थन कर सकते हैं।”
* कर्नाटक मुद्दा और विदेशी फंडिंग का आरोप: दूसरे यूज़र्स ने उन पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि कर्नाटक के छात्रों के वक्त उनकी आवाज़ क्यों बंद थी? कुछ ने तो हद पार करते हुए कहा कि विदेशी फंडिंग बंद होते ही ऐसे लोग सड़कों पर आ जाएंगे।
* रांची न जाने पर घेरा: लोगों ने सीधा सवाल दाग दिया, “प्रकाश राज, बड़े बुद्धिजीवी बनते हो तो रांची क्यों नहीं जाते? वहां JMM और कांग्रेस सरकार के मंत्रियों से इस्तीफा मांगने की हिम्मत क्यों नहीं होती? क्या उनसे भी फंडिंग मिलती है?”
ट्रोलिंग से बेपरवाह प्रकाश राज का पलटवार: “अहंकारी सत्ता गिरेगी!”
चारों तरफ से घिरने के बावजूद प्रकाश राज पीछे हटने के मूड में नहीं दिखे। उन्होंने पलटवार करते हुए रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिसिया दमन—वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले—का दर्दनाक वीडियो शेयर कर डाला। उन्होंने गुस्से में लिखा, “क्यों… क्यों…. क्यों…. यह बर्बरता काम नहीं आएगी! इससे सिर्फ अहंकारी सत्ता ही गिरेगी।”
क्या है इस महासंग्राम की असली वजह?
रांची की सड़कों पर उतरा छात्रों का यह सैलाब कोई एक दिन का गुस्सा नहीं है। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक ने युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। जंतर-मंतर की तर्ज पर चल रहे इस आंदोलन में छात्र शांतिपूर्ण मशाल जुलूस से लेकर धरना प्रदर्शन तक कर रहे हैं। उनकी एक ही दो टूक मांग है—विवादित परीक्षाएं तुरंत रद्द हों, पेपर लीक के आकाओं को जेल भेजा जाए और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए।
छात्रों का साफ कहना है कि अब खोने के लिए कुछ नहीं बचा है, और जब तक सरकार घुटने नहीं टेकती, यह आर-पार की लड़ाई जारी रहेगी!