* रक्षाबंधन पर 9 बजकर 49 मिनट तक रहेगी पूर्णिमा तिथि, जानें राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त
Rakhi 2026 Shubh Muhurat :रक्षाबंधन का पर्व देशभर में 28 अगस्त को मनाया जाएगा। हर साल सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन बहनें जो भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। उससे भाई पर आने वाली मुसीबतें दूर होती हैं। लेकिन, राखी आपको शुभ मुहूर्त में ही बांधनी चाहिए। इस साल रक्षाबंधन पर पंचक का साया भी है। साथ ही इस साल रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण भी लग रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं रक्षाबंधन पर किस मुहूर्त में राखी बांधना शुभ रहेगा। आइए जानते हैं रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त कब से कब तक रहेगा। जानें राखी बांधने का मुहूर्त।
रक्षाबंधन 2026 : राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त (Rakhi Bandhana ka Muhurat)
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 तारीख को सुबह में 9 बजकर 9 मिनट पर होगा और 28 तारीख को सुबह में 9 बजकर 49 मिनट पर तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में 28 तारीख को राखी बांधने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह में 9 बजकर 49 मिनट तक ही रहेगा।
राखी बांधने का मुहूर्त 28 अगस्त 2026 ( Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat )

रक्षाबंधन 2026 इस समय राखी न बांधे (Raksha Bandhan 2026 Rahu Kaal Timing)
ऊपर बताए गए मुहूर्त राखी बांधने के लिए शुभ रहेंगे। लेकिन, इस दौरान आपको कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना होगा। जैसे की राहुकाल और रोग चौघड़िया जैसे अशुभ मुहूर्त में राखी न बांधे।
* 28 अगस्त को राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक।
* रोग चौघड़िया का समय दोपहर में 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 35 मिनट तक।
* उद्वेग चौघड़िया दोपहर में 3 बजकर 35 मिनट से 7 बजकर 11 मिनट तक।
रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण का साया
इस साल रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण भी लग रहा है। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल है कि क्या इस दौरान राखी बांध सकते हैं या नहीं ? ज्योतिषाचार्य सचिन मल्होत्रा के अनुसार, यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल और चंद्रग्रहण मान्य नहीं होगा। इसलिए आप बेफिक्र होकर राखी बांध सकते हैं। लेकिन, पूर्णिमा तिथि सुबह में 9 बजकर 49 मिनट पर ही समाप्त हो रही है तो ऐसे में कोशिश करें की आप इस मुहूर्त में ही 28 अगस्त को राखी बांध लें। इस समय अगर राखी नहीं बांध सकते हैं तो राहुकाल और रोग चौघड़िया, उद्वेग चौघड़िया आदि अशुभ मुहूर्त का त्याग करते हुए आप राखी बांध सकते हैं।
