Ram Mandir CEO :अयोध्या का राम मंदिर अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस में से एक बन चुका है। इसी विराट व्यवस्था को सैन्य अनुशासन और आधुनिक कॉर्पोरेट गवर्नेंस देने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इतिहास का सबसे बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है।
कॉर्पोरेट कंपनियों से भी कड़ा चयन: 5585 में से चुना गया ‘एक’
यह नियुक्ति किसी सामान्य सरकारी प्रक्रिया जैसी नहीं थी, बल्कि इसका पैमाना देश की शीर्ष मल्टीनेशनल कंपनियों की हायरिंग से भी ज्यादा सख्त एक’…
* 5,585 आवेदन: देश भर के दिग्गज प्रोफेशनल्स, पूर्व सैन्य अफसरों और शीर्ष नौकरशाहों ने CEO पद के लिए अर्जी लगाई।
* 600 अंकों का स्क्रीनिंग टेस्ट: योग्यता और अनुभव के आधार पर 3,577 उम्मीदवारों का मूल्यांकन हुआ। 470+ अंक पाने वाले केवल 108 दावेदार ही रेस में टिक सके।
* मैराथन इंटरव्यू: अगस्त में टॉप 16 उम्मीदवारों के ऑनलाइन और अयोध्या में आमने-सामने इंटरव्यू हुए।
* फाइनल मुहर: सर्च कमेटी द्वारा सौंपे गए पैनल में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया और ट्रस्ट ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।
खजाने में ₹1,882 करोड़: CEO जितेंद्र मिश्र के कंधों पर 5 महा-चुनौतियां
21 मार्च 2026 तक के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, ट्रस्ट के बैंक खातों में ₹1,882 करोड़ की भारी-भरकम राशि मौजूद है। सिर्फ 2025-26 में मंदिर को करीब ₹237 करोड़ की आय हुई, जबकि निर्माण कार्यों पर ₹425 करोड़ खर्च हुए। इतने विशाल वित्तीय और प्रशासनिक ढांचे के बीच नए CEO को सीधे पांच मोर्चों पर कमान संभालनी होगी….
* पाई-पाई का हिसाब और वित्तीय पारदर्शिता: करोड़ों के चढ़ावे, विदेशी व घरेलू दान के लिए मजबूत अकाउंटिंग और रियल-टाइम ऑडिट सिस्टम खड़ा करना।
* 2,000 कर्मियों की कमान: मंदिर परिसर में सुरक्षा, सफाई और प्रबंधन से जुड़े करीब 1,500 से 2,000 कर्मचारियों की फौज से अधिकतम आउटपुट और समन्वय सुनिश्चित करना।
* हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा: पूरे परिसर में फैले सीसीटीवी नेटवर्क की निगरानी, बचे हुए भव्य निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराना और ट्रस्ट के फैसलों को ग्राउंड पर उतारना।
* मिशन क्राउड कंट्रोल: त्योहारों पर उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए ऐसी ‘स्मार्ट दर्शन योजना’ बनाना जिससे भगदड़ या अव्यवस्था की रत्ती भर भी गुंजाइश न रहे।
* ट्रस्ट-सरकार का मजबूत सेतु: ट्रस्ट बोर्ड, उत्तर प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच केंद्रीय नोडल प्वाइंट बनकर काम करना।
आस्था के केंद्र में मिलिट्री अनुशासन
लाखों श्रद्धालुओं का दैनिक आवागमन, अरबों का बजट और विश्वस्तरीय प्रतिष्ठा—राम मंदिर अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां भक्ति और प्रबंधन का सटीक मेल जरूरी है। आसमान में देश की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र अब जमीन पर प्रभु श्रीराम की नगरी के सबसे बड़े सिस्टम को दिशा देंगे। देखना दिलचस्प होगा कि सैन्य रणनीति और अनुशासन के बूते अयोध्या का प्रशासनिक ढांचा कितना बदलता है।
