Ram Mandir Trust : अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन… वायुसेना के पूर्व उपप्रमुख बने पहले CEO, स्वामी गोविंद देव गिरि को कमान

Bindash Bol

Ram Mandir Trust :श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय तंत्र को मजबूत करने के लिए व्यापक फेरबदल किए हैं। भारतीय वायुसेना के पूर्व उपाध्यक्ष (रिटायर्ड एयर मार्शल) जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है, जबकि स्वामी गोविंद देव गिरि को महासचिव (महामंत्री) पद का दायित्व सौंपा गया है।
प्रशासनिक पारदर्शिता, दान गणना में तकनीक का समावेश और आगामी परियोजनाओं के कुशल प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने कई प्रमुख फैसले लिए हैं।

प्रमुख नियुक्तियां और नई जिम्मेदारियां

* ​एयर मार्शल (रिटा.) जितेंद्र मिश्रा (CEO): वायुसेना में करीब 39 वर्षों का अनुभव रखने वाले और ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित जितेंद्र मिश्रा मंदिर के सुरक्षा तंत्र, प्रशासनिक समन्वय और श्रद्धालु सुविधाओं का प्रबंधन संभालेंगे। चयन समिति ने 5,500 से अधिक आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद उनका चयन किया।

* ​स्वामी गोविंद देव गिरि (महासचिव): ट्रस्ट के संचालन और समन्वय की मुख्य कमान अब इनके हाथों में होगी।

* ​महेश भागचंदका (कोषाध्यक्ष): नई दिल्ली निवासी 68 वर्षीय व्यवसायी, समाजसेवी और लेखक भागचंदका को ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की कमान सौंपी गई है। वह ‘वर्ल्ड हिंदू इकनॉमिक फोरम’ के सदस्य और राम मंदिर आयोजनों में सक्रिय यजमान रहे हैं।

न्यास में शामिल हुए तीन नए ट्रस्टी

​न्यास मंडल में रिक्त पदों को भरने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के तीन विशेषज्ञों को शामिल किया गया है…

* ​महेश भागचंदका: वित्तीय विशेषज्ञता और सामाजिक कार्यों का लंबा अनुभव।

* ​मदन मोहन पांडे: 74 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता व यूपी के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता। इन्होंने 1990 से 2019 तक राम जन्मभूमि मुकदमे में रामलला विराजमान की ओर से अदालत में अहम पैरवी की थी।

* ​डॉ. निर्मला यादव: 66 वर्षीय वरिष्ठ शिक्षाविद, जो 19 वर्षों तक कॉलेज प्राचार्य और 15 वर्षों तक विश्वविद्यालय कार्य परिषद की सदस्य रह चुकी हैं।

बैठक के अन्य प्रमुख निर्णय

* ​दान की गणना में हाई-टेक व्यवस्था: मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए IIT और दो प्रमुख बैंकों से तकनीकी प्रस्ताव मिले हैं, जिन पर जल्द अमल होगा।

* ​एसआईटी जांच पर रुख: वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर चल रही विशेष जांच दल (SIT) की जांच और सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का ट्रस्ट ने स्वागत किया है, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

* ​वित्तीय वर्ष 2025-26 का ब्योरा: न्यास ने वार्षिक लेखे को मंजूरी दी। वर्ष भर में ट्रस्ट को ₹237 करोड़ की आय हुई और ₹91 करोड़ का नियमित व्यय हुआ। निर्माण कार्यों पर ₹425 करोड़ का पूंजीगत खर्च किया गया। 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास कुल उपलब्ध राशि ₹1,882 करोड़ दर्ज की गई।

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