RSS Office Attack : झारखंड की राजधानी रांची में RSS कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस पूरी साजिश की परतें खुलती जा रही हैं। शुरुआती जांच में सामने आए खुलासों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े संपर्क, सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी नेटवर्क और विदेश से मिली पेट्रोल बम बनाने की ट्रेनिंग जैसे कई गंभीर पहलुओं की जांच की जा रही है।
दुबई से शुरू हुई साजिश? ISI कनेक्शन की जांच तेज
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार तीन आरोपियों में से एक करीब छह महीने तक दुबई में रहा था, जहां वह एक आपराधिक मामले में जेल भी जा चुका है। पूछताछ में सामने आया है कि दुबई में रहने के दौरान उसके कथित तौर पर पाकिस्तान की ISI और शहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े लोगों के संपर्क बने। सूत्रों का दावा है कि “राणा साहब” नाम के एक हैंडलर ने आरोपियों को पेट्रोल बम बनाने का वीडियो भेजा था, जिसे देखकर उन्होंने विस्फोटक तैयार किए।
20 से 22 साल के युवक, लेकिन खतरनाक मंसूबे!
गिरफ्तार तीनों आरोपियों की उम्र महज 20 से 22 साल बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि वे पेट्रोल बम बनाना सीख रहे थे और वारदात से पहले इसकी तैयारी कर चुके थे। पुलिस ने उनके कब्जे से पेट्रोल बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद किया है। एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और झारखंड में उसके संभावित कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं।
RSS कार्यालय को बनाया निशाना
16 जून की रात करीब 11:35 बजे रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित निवारणपुर में RSS कार्यालय पर दो पेट्रोल बम फेंके गए। एक बम मुख्य गेट के बाहर मिला, जबकि दूसरा छत पर जा गिरा। राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया।
सोशल मीडिया से भर्ती, पहले की गई रेकी
जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों की कथित भर्ती सोशल मीडिया के जरिए की गई थी। वारदात से पहले RSS कार्यालय की रेकी भी की गई थी। शुरुआती जांच में शहजाद भट्टी मॉड्यूल की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हिरासत से भागा आरोपी, पुलिस एनकाउंटर में फिर दबोचा गया
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब मुख्य आरोपी सैफ पुलिस हिरासत से बाथरूम जाने के बहाने फरार हो गया। पूरे रांची में अलर्ट जारी हुआ और पुलिस ने माण्डर टोल प्लाजा के पास उसे घेर लिया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने जवान का हथियार छीनने और पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में चली गोली से सैफ घायल हो गया और उसे दोबारा गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सिटी एसपी ने क्या कहा?
रांची के सिटी एसपी पारस राना ने बताया कि आरोपी बाथरूम की खिड़की के रास्ते भागा था। पुलिस ने उसे ट्रैक कर माण्डर इलाके में घेरा, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान उसने हमला करने और हथियार छीनने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी, जिसमें आरोपी घायल हो गया।
अब सबसे बड़ा सवाल…
क्या रांची पर हमला सिर्फ एक स्थानीय वारदात थी या इसके पीछे सीमा पार बैठा कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? क्या सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलकर भारत में अशांति फैलाने की साजिश रची जा रही है? इन सवालों के जवाब अब जांच एजेंसियों की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।