SIR : वोट के अधिकार से वंचित करना मनमाना और असंवैधानिक’: SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की दो टूक

Bindash Bol

SIR : मतदाता सूची (Voter List) में कथित गड़बड़ियों और Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को लेकर देश भर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। एक तरफ जहां विपक्षी दल और छात्र संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने इस मुद्दे पर बेहद सख्त और दो टूक टिप्पणी की है।

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां के मुख्य बिंदु

​सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भुइयां ने हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मतदान के अधिकार की महत्ता पर जोर देते हुए कई बड़ी बातें कहीं….

* ​संविधान में दो तरह के नागरिक नहीं: हमारे संविधान में वोटिंग अधिकार वाले और बिना वोटिंग अधिकार वाले—ऐसे दो तरह के नागरिकों का कोई प्रावधान नहीं है। किसी भी प्रक्रिया के तहत नागरिकों को मताधिकार से वंचित करना आर्टिकल 326 और 14 का खुला उल्लंघन है।

* ​शरीर से आत्मा निकालने जैसा: जस्टिस ने स्पष्ट किया कि मृत मतदाताओं को छोड़कर, बिना नोटिस और सुनवाई के किसी भी वैध मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जा सकता। यह नागरिक की पहचान से उसका अधिकार छीनने यानी “शरीर से आत्मा निकालने जैसा” है।

* ​बेसिक स्ट्रक्चर का हिस्सा: भले ही वोट देना मौलिक अधिकार न हो, लेकिन यह एक संवैधानिक अधिकार होने के साथ-साथ ‘बेसिक स्ट्रक्चर डॉक्ट्रिन’ का केंद्रीय हिस्सा है। यह स्वतंत्रता संग्राम के लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम है।

* ​समानता का प्रतीक: एक अरबपति और एक रिक्शाचालक—दोनों के पास वोट का अधिकार है और दोनों के वोटों की कीमत बिल्कुल बराबर है। कोई भी संस्था या अथॉरिटी संविधान से ऊपर नहीं है।

देश भर में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

​एक तरफ जहां न्यायपालिका से कड़े संदेश मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली और मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में सियासी पारा उफ़ान पर है…..

* दिल्ली में जोरदार विरोध:
वामपंथी छात्र संगठन AISA लगातार तीसरे दिन सड़कों पर उतरा। अशोक रोड से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला गया, जिसके दौरान अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

* ​आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने इंडिया गेट तक प्रदर्शन किया। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा सहित करीब 25 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

* ​इंडियन यूथ कांग्रेस ने भी मशाल जुलूस और कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

* ​मुंबई में राजनीतिक गर्माहट: मुंबई में शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और मनसे (राज ठाकरे) ने संयुक्त रूप से ‘गर्जना मोर्चा’ निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।

​आगे की राह: मतदाता सूची संशोधन (SIR) से जुड़े इन तमाम फैसलों और याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई होनी है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

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