Student Protest : नीट पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कथित उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच के लिए अदालत ने एक हाई पावर्ड फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित करने का फैसला किया है।
मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु…
* कमेटी करेगी फुटेज और कार्रवाई की पड़ताल …यह उच्चस्तरीय समिति घटना के सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी और यह जांच करेगी कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आवश्यकता से अधिक बल का प्रयोग किया गया था।
* पैनल के लिए मांगे गए नाम: पीठ ने मामले से जुड़े पक्षों से पूर्व न्यायाधीशों, पूर्व पुलिस महानिदेशकों (DGP) या सेवानिवृत्त सीबीआई निदेशकों के नाम सुझाने को कहा है, जिन्हें इस जांच पैनल का हिस्सा बनाया जा सके।
* महिला प्रदर्शनकारियों के उत्पीड़न पर गंभीर रुख: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों को कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समिति समय-समय पर अपनी अंतरिम रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी ताकि आवश्यक कानूनी निर्देश दिए जा सकें।
* छात्रों पर दर्ज FIR हो सकती हैं रद्द: सर्वोच्च अदालत ने संकेत दिया है कि साफ छवि वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को खत्म करने के लिए वह अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर सकती है। हालांकि, गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले मामलों को अलग रखा जाएगा।
“विरोध प्रदर्शन सिर्फ लाठीचार्ज की वजह नहीं हो सकता”
सुनवाई के दौरान अदालत ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को दोहराते हुए कहा…
”यह युवाओं के जीवन और उनके भविष्य का सवाल है। माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई उनकी शिक्षा पर लगाते हैं। व्यवस्था से न्याय की उम्मीद करना उनका जायज हक है। जो भी इस ज्यादती का जिम्मेदार है, उसके लिए कोई बहाना स्वीकार्य नहीं होगा।”
संवैधानिक पहलुओं पर अदालत खुद करेगी फैसला
अदालत ने स्पष्ट किया है कि जांच समिति केवल जमीनी तथ्यों की पड़ताल करेगी, जबकि सर्विलांस, फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) और निजता के अधिकार (Right to Privacy) से जुड़े व्यापक संवैधानिक प्रश्नों पर फैसला सुप्रीम कोर्ट की पीठ स्वयं करेगी। साथ ही, याचिकाकर्ताओं को समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने की पूरी छूट होगी।