Venezuela Earthquake : वेनेजुएला बुधवार (24 जून 2026) की शाम उस वक्त दहल उठा, जब महज 40 सेकेंड के अंतराल में आए दो भीषण भूकंपों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहला झटका 7.2 तीव्रता का था, जिसकी गहराई 13 किलोमीटर दर्ज की गई, जबकि इसके तुरंत बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी।
भूकंप का केंद्र देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित कैराबोबो राज्य के आसपास बताया गया है। हालांकि केंद्र राजधानी कराकास से लगभग 170 किलोमीटर दूर था, लेकिन झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि राजधानी समेत कई शहरों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई भवन भरभराकर ढह गए।
सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में सामने आए वीडियो भयावह मंजर बयां कर रहे हैं। लोग जान बचाने के लिए घरों, दफ्तरों और ऊंची इमारतों से भागकर सड़कों पर निकल आए। कई इलाकों में धूल के विशाल गुबार उठते दिखाई दिए, जबकि राहत एवं बचाव दल युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार मृतकों की संख्या 10 हजार से लेकर 1 लाख तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि सरकार ने अभी तक आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। हजारों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के बीच राहत कार्य लगातार जारी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। कराकास के पास स्थित सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचने के बाद बंद कर दिया गया है। वहीं मेट्रो सेवाओं और कई सार्वजनिक परिवहन व्यवस्थाओं को भी एहतियातन रोक दिया गया है।
भूकंप के बाद पूरे कैरेबियाई क्षेत्र में सुनामी का खतरा भी मंडराने लगा। प्यूर्टो रिको, वर्जिन आइलैंड्स, अरूबा, बोनेयर और कुरासाओ समेत कई क्षेत्रों के लिए सुनामी अलर्ट और एडवाइजरी जारी की गई। हालांकि बाद में कुछ इलाकों में खतरे का स्तर कम कर दिया गया, लेकिन प्रशासन ने लोगों को समुद्री तटों से दूर रहने और आफ्टरशॉक्स के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
वेनेजुएला के हालिया इतिहास की यह सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने कुछ ही सेकेंड में हजारों परिवारों की जिंदगी बदलकर रख दी है।