West Bengal : पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने के बाद पिछली तृणमूल सरकार में पनपी अवैध गतिविधियों पर ताबड़तोड़ एक्शन हो रहा है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में TMC पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है. इसके बादज ममता बनर्जी की पार्टी मुश्किलों से घिर गई है.
अब तो TMC नेताओं के लिए उनके ठिकानों को बचाना भी मुश्किल हो गया है, क्योंकि उनके अवैध साम्राज्य पर बुलडोजर की गरज सुनाई दे रही है. इसी कड़ी में TMC के कोलकाता के मेट्रोपॉलिटन इलाके वाले में उनके अस्थायी शहर कार्यालय ‘तृणमूल भवन’ पर अधिकारी सरकार ने एक्शन लिया है.
TMC के अस्थायी कार्यालय पर छाया संकट
दरअसल, टोपसिया इलाके में TMC का मुख्य ‘तृणमूल भवन’ वर्तमान में पूरी तरह रिनोवेशन के दौर से गुजर रहा है. इसके चलते पार्टी के तमाम शीर्ष नेता, मंत्री, सांसद और राज्यभर से आने वाले कार्यकर्ता इसी मेट्रोपॉलिटन वाले किराए के भवन में बैठकें और अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां संचालित कर रहे थे, लेकिन इस इमारत के मालिक ने भवन की लीज बढ़ाने से इंकार कर दिया. जिससे TMC को अपना ये ठिकाना खाली करना पड़ेगा.
बताया जा रहा है बिल्डिंग मालिक मंटू साहा ने TMC को नोटिस थमा दिया और दो महीने में बिल्डिंग खाली करने को कहा है. ऐसे में दो महीने में TMC को पार्टी का अस्थायी कार्यालय खोजना पड़ेगा. वहीं, पार्टी के स्थायी ऑफिस का अभी लंबा काम बाकी है.
TMC पार्षद के दफ्तर पर चला बुलडोजर
दूसरी ओर बंगाल में अवैध इमारतों और निर्माणों पर अधिकारी सरकार, योगी स्टाइल में एक्शन ले रही है. बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र आसनसोल रेलवे स्टेशन के पास सेल-आएसपी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर एक बहुत बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया. इसकी जद में TMC पार्षद का दफ्तर भी आ गया है. बुलडोजर ने बर्नपुर के वार्ड संख्या 78 से TMC के कद्दावर पार्षद अशोक रुद्र के मुख्य कार्यालय को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया. इसके साथ ही आसपास बने अन्य अवैध राजनीतिक ढांचों को भी मलबे में मिला दिया.
इस कार्रवाई के बाद TMC ने आरोप लगाया कि सुवेंदु अधिकारी की सरकार के इशारे पर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. वहीं, BJP ने जवाब देते हुए कहा, इस बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय BJP विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा, ‘यह बंगाल में कानून व्यवस्था की बहाली की शुरुआत है. जो भी अवैध कब्जा होगा, उसे पूरी तरह से तोड़ा जाएगा. सरकारी जमीनों और गरीबों के हक पर डाका डालने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती.
उन्होंने इसे एक पार्टी पर कार्रवाई मानने से इंकार करते हुए ,कहा, अवैध निर्माण चाहे किसी भी राजनीतिक दल का हो, कानून अपना काम करेगा और उसे ध्वस्त किया जाएगा.’