* “जिसने अपनी बेटी खोई, अब वही बंगाल की बेटियों के सम्मान के लिए कानून बनाएगी।”
West Bengal Election: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है जिसने पूरे देश के कलेजे को झकझोर कर रख दिया है। पानीहाटी की जनसभा में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बगल में बैठी एक बेबस माँ के सिर पर हाथ फेरा, तो महीनों से दबा हुआ ममता का वह सैलाब आँखों के रास्ते बह निकला। यह तस्वीर महज एक राजनैतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध न्याय की उम्मीद का प्रतीक बन गई है।
चेहरे पर लाचारी, आँखों में न्याय की आग
मंच पर बैठी वह महिला कोई साधारण नेता नहीं, बल्कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज की उस जांबाज बेटी की माँ, रतना देबनाथ हैं, जिसकी अस्मत और जिंदगी को दरिंदों ने रौंद डाला था। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि रतना ने जैसे ही प्रधानमंत्री के सामने हाथ जोड़े, PM ने पिता तुल्य स्नेह से उनके सिर पर हाथ रख दिया। उस एक स्पर्श ने रतना के भीतर छिपे अंतहीन दर्द को ‘फफक’ में बदल दिया।
ममता के ‘जंगलराज’ को चुनौती
रतना देबनाथ का राजनीति से दूर-दूर तक नाता नहीं था, लेकिन अपनी बेटी के साथ हुई हैवानियत ने उन्हें चुपचाप आँसू बहाने वाली महिला से ‘रणचंडी’ बना दिया।
* बीजेपी की उम्मीदवार: पार्टी ने उन्हें पानीहाटी विधानसभा से अपना प्रत्याशी बनाया है।
* संकल्प: उनका उद्देश्य सत्ता का सुख नहीं, बल्कि विधानसभा की दहलीज लांघकर ऐसे सख्त कानून बनाना है ताकि बंगाल की किसी और बेटी को उस नरक से न गुजरना पड़े, जिससे उनकी बेटी गुजरी।
* स्वेच्छा से रण में: रतना ने खुद पत्र लिखकर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, ताकि वह उन तमाम पीड़ितों की आवाज़ बन सकें जिनकी आवाज़ को सत्ता के रसूख तले दबा दिया जाता है।
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PM मोदी की गर्जना: “अन्याय सहने वाले अब करेंगे नेतृत्व”
पानीहाटी की धरती से प्रधानमंत्री मोदी ने ममता बनर्जी की सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने इसे ‘महाजंगलराज’ करार देते हुए कहा…
“बीजेपी ने आरजी कर पीड़िता की माँ को उम्मीदवार बनाकर यह संदेश दिया है कि हम अन्याय सहने वालों के साथ खड़े हैं। जिन्होंने अत्याचार सहा, अब वही बंगाल के नेतृत्व की कमान संभालेंगे।”
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पहले चरण के भारी मतदान ने बंगाल में परिवर्तन की लहर पर मुहर लगा दी है।
आरजी कर केस: वो जख्म जो कभी नहीं भरेगा
9 अगस्त 2024 की वो काली रात देश कभी नहीं भूल सकता, जब एक ट्रेनी डॉक्टर की अस्पताल के भीतर ही हत्या और बलात्कार कर दिया गया।
* आक्रोश: इस घटना के बाद देशभर के डॉक्टर सड़कों पर उतरे।
* सजा: आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया और 20 जनवरी 2025 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
रतना देबनाथ के नामांकन में स्मृति ईरानी का पहुंचना और PM मोदी का सार्वजनिक मंच पर उन्हें सहारा देना, बंगाल चुनाव को अब ‘नीति बनाम रणनीति’ से ऊपर ले जाकर ‘बेटी के सम्मान की लड़ाई’ बना चुका है। अब देखना यह है कि बंगाल की जनता इस ‘दुखी माँ’ के संघर्ष को क्या मोड़ देती है।