Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा… महर्षि वेद व्यास का दिन

Bindash Bol
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ध्रुव गुप्त
(आईपीएस) पटना
Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा हमारे भारत के महानतम कवि, अन्वेषक, संकलनकर्ता, इतिहासकार और अध्यात्म पुरुष महर्षि वेद व्यास का जन्मदिन है। वे व्यास थे जिन्होंने सदियों से श्रुति परंपरा से चली आ रही वैदिक ऋचाओं का संकलन कर उन्हें चार भागों में बांटकर चार वेदों का रूप दिया था। ये चारों वेद सनातन धर्म और अध्यात्म की बुनियाद हैं। चार वेदों के  सार-ग्रंथ ‘ब्रह्मसूत्र’ की  रचना भी  व्यास  की थी।  विश्व के सबसे बड़े महाकाव्यों में एक ‘महाभारत’ के रचयिता भी व्यास थे जिसके बारे में कहा जाता है कि संसार में जो कुछ भी है वह ‘महाभारत’ में है और  जो ‘महाभारत’ में  नहीं है वह कहीं  नहीं है। आज आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही इस महाग्रंथ की रचना पूरी हुई थी। माना जाता है कि हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ और भारतीय अध्यात्म का सार ‘गीता’ इसी ‘महाभारत’ का अंश है। आभार स्वरूप देश भर में फैले हुए उनके शिष्यों ने आषाढ़ पूर्णिमा को एकत्र होकर उनकी वंदना की थी। उसी दिन गुरुपूर्णिमा की परंपरा का सूत्रपात हुआ था। तब से लोग अपने आध्यात्मिक गुरु में व्यास का अंश मानकर उनके प्रति आभार प्रदर्शन करते आ रहे हैं।

आज गुरु पूर्णिमा के दिन हमारे देश के महानतम साहित्यकार, इतिहासकार और ज्ञान तथा अध्यात्म  के शिखर  पुरुष महर्षि वेद व्यास को नमन और जीवन में ज्ञानका प्रकाश फैलाने वाले सभी गुरुओं के प्रति श्रद्धा-निवेदन।

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