West Bengal Politics :पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। एक तरफ टीएमसी उम्मीदवार के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन का ऐलान किया, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस नाटकीय घटनाक्रम ने राज्य के सियासी तापमान को काफी बढ़ा दिया है।
मुख्य घटनाक्रम एक नज़र में
* टीमें और उम्मीदवार: टीएमसी (ममता गुट) की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।
* अचानक गिरफ्तारी: समर्थन के ऐलान के तुरंत बाद, कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पूर्व मेदिनीपुर जिला पुलिस ने एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया।
* टीएमसी को डबल झटका: टीएमसी अब इस सीट पर दोबारा अपना उम्मीदवार नहीं उतार सकती, क्योंकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि (16 सितंबर) पहले ही बीत चुकी है।
* महत्वपूर्ण तारीखें: नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, और वोटों की गिनती 9 नवंबर को की जाएगी।
ममता बनर्जी को झटका और कांग्रेस को समर्थन
नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले टीएमसी को बड़ा झटका तब लगा, जब पार्टी उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने अपना नाम वापस ले लिया। खास बात यह है कि नाम वापस लेने से ठीक पहले संचिता डे ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी।
इस घटना के बाद भड़कीं ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम (EVM) पर सवाल उठाए। साथ ही, टीएमसी मैदान से बाहर होने के बाद ममता ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया।
गिरफ्तारी पर सियासी घमासान
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए हैं…
* कांग्रेस का आरोप: पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डब्ल्यूबीपीसीसी) के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में एकदलीय शासन स्थापित करना चाहती है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
* भाजपा की प्रतिक्रिया: भाजपा के पूर्व मेदिनीपुर जिला नेतृत्व ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है, यह कानून की अपनी प्रक्रिया है।
अब नंदीग्राम में कैसा है चुनावी मुकाबला?
टीएमसी के मैदान से हटने और कांग्रेस उम्मीदवार के कानूनी संकट में फंसने के बाद नंदीग्राम सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और बहुकोणीय हो गया है…
* कांग्रेस: मिलन प्रधान (जिन्हें ममता बनर्जी का समर्थन प्राप्त है)
* टीएमसी (दूसरा धड़ा – ऋतब्रत बनर्जी गुट): मोहम्मद एतेशामुल हक
* सीपीआई (CPI): शांति गोपाल गिरी
* भाजपा (BJP): हसिरानी रथ
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उठापटक के बाद नंदीग्राम का उपचुनाव पश्चिम बंगाल की आगामी राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है।
